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ऋषभदेव की खदानों में आठ दिन बाद आज शुरू होगी खुदाई

9 वर्ष पहले
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उदयपुर. ऋषभदेव क्षेत्र की ग्रीन मार्बल खदानों में बुधवार से फिर खुदाई शुरू हो जाएगी। आठ दिन बाद खदान मालिकों और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रमुख मांगों पर समझौता हो गया। सहमति के बाद श्रमिकों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया। इधर, खान निदेशक ने भी अधीक्षण खनिज अभियंता से रिपोर्ट मांगी है।

ग्रीन मार्बल खदानों में स्थानीय श्रमिकों की नियुक्ति, ठेका प्रथा बंद करने, न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी सहित १५ सूत्री मांगों को लेकर आठ दिन से हड़ताल थी। मंगलवार दोपहर स्थानीय प्रशासन, खदान मालिकों के संगठन और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों के बीच एसडीएम कार्यालय में लंबी वार्ता हुई।

चार घंटे बाद नए श्रमिकों को 231 रुपए, पुराने श्रमिकों को ढाई सौ रुपए और उससे ऊपर के श्रमिकों को पांच प्रतिशत बढ़ोत्तरी पर सहमति हुई। इसके अलावा श्रमिक की मौत पर दस लाख रुपए हर्जाना और बीमा राशि पर भी सहमति हुई। ठेका प्रथा को लेकर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं बन पाया। इन निर्णयों के साथ श्रमिक संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।

उल्लेखनीय है कि खदान मालिकों व श्रमिकों के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में सोमवार को भी समझौता वार्ता हुई थी। क्षेत्र में 12 हजार श्रमिकों के एक साथ हड़ताल पर जाने से ऋषभदेव, खेरवाड़ा, मसारों की ओबरी, ओड़वाड़ा, ढेलाणा क्षेत्र की 136 खदानों पर सन्नाटा पसरा हुआ था। इसका असर उदयपुर व ऋषभदेव सहित चित्तौड़, किशनगढ़, राजसमंद मार्बल मंडी में लगे गैंगसा पर भी पड़ा। हड़ताल से रॉयल्टी ठेकेदार को 10 लाख, ट्रांसपोर्टर्स को 20 लाख, एक्सपोर्टर्स को 12 लाख रुपए प्रतिदिन का नुकसान हो रहा था।

ये रहे मौजूद
बैठक उपखंड अधिकारी हिम्मत सिंह भाटी की मौजूदगी में जनजाति खान मजदूर संघ, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कालूराम मीणा तथा ग्रीन मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष गणपत सिंह राठौड़, सचिव महेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं अन्य खदान मालिकों के बीच हुई। इनके अलावा मांडवा फला कागदर सरपंच रामप्रसाद मीणा, खदान मालिक राजेश इनानी, डी.के. खेड़ा, पूनम चंद पटेल, सुमेश वाणावत आदि मौजूद थे।

ऐसे बनी सहमति
भास्कर में प्रकाशित खबर पर खान निदेशक भवानी सिंह देथा ने मंगलवार सुबह अधीक्षण खनिज अभियंता पंकज गहलोत से हड़ताल के कारणों व खदानों पर इसके असर की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। इस रिपोर्ट को लेकर अधीक्षण खनिज अभियंता सुबह जयपुर से रवाना होकर सीधे निदेशालय पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र की कुल खदानों की संख्या, इसमें कार्यरत श्रमिकों की अनुमानित संख्या सहित हड़ताल के कारणों की जानकारी वाली रिपोर्ट तैयार की है। इधर, हड़ताल समाप्ति की जानकारी मिलने के बाद उससे भी निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।