पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • महाभारत के घृतराष्ट्र ने दिया था यदुवंशियों को श्राप, बिहार में दिखी झलक

महाभारत के घृतराष्ट्र ने दिया था यदुवंशियों को श्राप, बिहार में दिखी झलक

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पटना. महाभारत को हुए कई युग बीत चुके हैं, लेकिन इसमें बताई गई बातें आज भी कई मौकों पर भी सटीक बैठती हैं। महाभारत ग्रंथ में ऐसी ही एक कहानी कुरूक्षेत्र में युद्ध के खत्म होने के बाद की बताई गई है। इस कहानी के अनुसार, जब कुरूक्षेत्र में युद्ध खत्म हो जाता है तो धृतराष्ट्र के पास भगवान कृष्ण जाते हैं। दोनों के बीच बातचीत में धृतराष्ट्र कृष्ण से पूछते हैं कि तुम्हारा इस युद्ध से क्या लेना-देना था? कृष्ण तुमने भाइयों को आपस में लड़ा कर मेरे कुल को खत्म करा दिया। बताओ तुमने ऐसा क्यों किया? धृतराष्ट्र के इस सवाल का कृष्ण ने कोई उत्तर नहीं दिया। धृतराष्ट्र ने श्राप दिया कि भविष्य में इसी तरह तुम्हारे यदुवंशी आपस में लड़ेंगे और वह एक-दूसरे के साथ कभी नहीं रह पाएंगे।

ये किस्सा है तो एक मिथक पर बिहार और उत्तर प्रदेश के यादव नेताओं (यदुवंशी) पर सही बैठता है और देखा जाए तो बिहार की राजनीति में बीते कुछ दिनों से इसकी झलक भी देखने को मिल रही है। जब मुलायम सिंह के प्रधानमंत्री बनने की बात चली तो लालू प्रसाद यादव नें उन्हें नहीं बनने दिया। जैसे-तैसे समय बीता यदुवंशी एक बार फिर साथ आए और थोड़े ही दिन बाद फिर रास्ते अलग-अलग हो गए। इसे धृतराष्ट्र का श्राप ही माना जाएगा कि मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और शरद यादव एक ही राजनीतिक विचारधारा और जेपी आंदोलन से निकलने के बावजूद ज्यादा दिन साथ नहीं रह सके। पार्टियों का महाविलय हुआ और टूट गया। लालू यादव के खास रहे पप्पू यादव के बीच जंग चल ही रही है।

मुलायम सिंह यादव ने निकाली भड़ास
बिहार में चुनाव प्रचार करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के मुखिया ने रैली में जो कहा उससे महाभारत के इस मिथक की याद ताजा हो गई। उन्होंने जमकर अपनी भड़ास निकाली। चुनाव प्रचार करने बिहार में कैमूर जिले के भभुआ पहुंचे मुलायम सिंह यादव ने नीतीश और लालू पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा 'जिस नीतीश ने लालू को जेल भिजवाया था आज उसी के साथ मिलकर बिहार में चुनाव लड़ रहे।

'मैं नेता बनूं, नहीं चाहते लालू-नीतीश'
सभा में मुलायम ने कहा, 'लालू-नीतीश सबसे बड़े धोखेबाज हैं। इन दोनों के राज में बिहार की जनता सुरक्षित नहीं है। लालू-नीतीश कभी नहीं चाहे कि जनता परिवार का जब विलय हो तो मैं नेता बनूं। जब चुनाव की बारी आई तो दोनों ने मुझे धोखा देकर कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया।

आगे की स्लाइड्स में देखें, बिहार की राजनीति में एक्टिव यादवों की अन्य फोटोज