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जब 'वैसलीन' से हार गया था भारत! अंग्रेजों ने मैच में की थी ऐसी चीटिंग

बॉल से छेड़छाड़ का ये सबसे पहला मामला था जब भारत और इंग्लैंड के बीच मैच में वैसलीन के इस्तेमाल से गेम ही बदल गया था।

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 03:31 PM IST
इंग्लैंड के पूवी पेस बॉलर जॉन लेवर, जिनपर सबसे पहले लगे थे बॉल से छेड़छाड़ के आरोप। इंग्लैंड के पूवी पेस बॉलर जॉन लेवर, जिनपर सबसे पहले लगे थे बॉल से छेड़छाड़ के आरोप।

क्या आपने सोचा है कि शरीर पर लगाने वाली वैसलीन से भी एक क्रिकेट गेम पलट सकता है? अगर नहीं, तो आपको बता दें कि इतिहास में सबसे पहले बॉल से छेड़छाड़ का ये पहला मामला था जब भारत और इंग्लैंड के बीच मैच में वैसलीन के इस्तेमाल से गेम ही बदल गया था। 1977 में भारत ने बॉल से छेड़छाड़ का आरोप इंग्लैंड पर लगाया था। ऐसे हुआ था ये सब..

- 1977 में इंग्लैंड टीम भारत के दौरे पर थी लगातार दो टेस्ट जीतने के बाद इंग्लैंड की टीम चेन्नई में भारत से तीसरे टेस्ट में भिड़ी। यहां भी इंग्लैंड के मीडियम पेस बॉलर जॉन लेवर की बॉल जादूई रूप से स्विंग कर रही थी, जबकि पिच का मिजाज ऐसा नहीं था।

- सीरीज के पहले ही मैच से जॉन चर्चा का विषय बने हुए थे क्योंकि उन्होंने दिल्ली में खेले गए सीरीज के पहले और अपने डेब्यू मैच में ही 46 रन पर 7 विकेट और 24 रन पर 3 विकेट चटका दिए थे। वहीं चेन्नई में भी उनकी चौंकाने वाली स्विंग देखकर भारतीय टीम के कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी को संदेह हुआ।

बॉल पर लगाया वैसलीन
-लगातार भारतीय बैट्समैनों के फ्लॉप शो और अकेले जॉन लेवर की हैरान करने वाली बॉल से बेदी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। बाद में बेदी ने गौर किया तो पाया कि जॉन लेवर बार-बार अपने सिर से पसीना पोंछ कर बॉल पर रगड़ रहे हैं। बेदी को शक हुआ कि निश्चित ही शरीर पर लगा हुआ वैसलीन है जिसे बॉल पर लगाकर ऐसी स्विंग प्राप्त की जा रही है।

और फिर अंपायर ने पकड़ा
- इंग्लैंड के 262 रन के बाद भारतीय इनिंग्स 164 पर खत्म हो गई। यहां भी जॉन लेवर ने 59 पर 5 विकेट चटका दिए थे। इससे अंपायर को भी उनपर शक हुआ। तभी अंपायर के हाथ स्वेट स्ट्रिप लग गई जिसपर उन्हें वैसलीन के होने का शक हुआ। अंपायर ने इसकी जानकारी तत्काल भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी और इंग्लैंड के कप्तान टोनी ग्रेग को दी। ये जानकारी मिलते ही बिशन सिंह ने मीडिया के सामने इंग्लैंड टीम की पोल खोल दी।

टीम फिजियो ने माना लगाई थी वैसलीन
- इस मामले के आने के बाद बॉल को जांच के लिए भेज दिया गया, जिसपर वैसलीन के होने की पुष्टि हुई। हालांकि, इंग्लैंड टीम के फिजियो ने बचाव करते हुए ये बयान दिया था कि खिलाड़ियों की आंख में पसीना न आए इसी वजह से उनके माथे पर पैट्रोलियम जैली लगाई गई थी। हालांकि, टेंपिरिंग के आरोप लगने के बाद बॉल जॉन लेवर क्रिकेट फैन्स की नजरों में विलन बन गए थे।

तो क्या वैसलीन लगाने से हार गए हम?

- इंग्लिश बॉलर जॉन पर ये आरोप पूरी तरह सिद्ध नहीं हो पाए थे लेकिन अगर वैसलीन का इस्तेमाल हुआ था तो इसी की वजह से वे इतने विकेट लेने में कामयाब रहे होंगे। एक्सपर्ट्स का मानना था कि वैसलीन लगाकर ही उन्होंने भारत की पिचों पर गजब का स्विंग प्राप्त किया था, जो इंग्लैंड के लिए फायदेमंद साबित हुआ।

यहां पढ़ें- (मैच जीतने के लिए इस हद तक गुजर जाते हैं क्रिकेटर्स, ऐसे होती है बॉल से छेड़छाड़)

स्मिथ आईपीएल से बाहर

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जा रहे केपटाउन टेस्ट में बॉल टेंपरिंग के विवाद ने क्रिकेट को फिर एक बार शर्मशार किया है। इस आरोप के बाद कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वॉर्नर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स ने भी उन्हें कप्तान पद से हटा दिया है।

मैच के दौरान के इंग्लैंड के कप्तान टोनी और भारत के कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी। मैच के दौरान के इंग्लैंड के कप्तान टोनी और भारत के कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं।
इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग


- बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करना।
- बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरेचना।
- बॉल को ग्राउंड पर घिसना।
- बॉल को चूइंग गम या चूइंग के बाद के सलाइवा से चमकाना।

क्या कहता कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेंपरिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वह इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करता हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए। क्या कहता कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेंपरिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वह इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करता हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।
मैच के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी। मैच के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी।
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इंग्लैंड के पूवी पेस बॉलर जॉन लेवर, जिनपर सबसे पहले लगे थे बॉल से छेड़छाड़ के आरोप।इंग्लैंड के पूवी पेस बॉलर जॉन लेवर, जिनपर सबसे पहले लगे थे बॉल से छेड़छाड़ के आरोप।
मैच के दौरान के इंग्लैंड के कप्तान टोनी और भारत के कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी।मैच के दौरान के इंग्लैंड के कप्तान टोनी और भारत के कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं।इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं।
इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंगइस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग
क्या कहता कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेंपरिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वह इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करता हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।क्या कहता कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेंपरिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वह इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करता हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।
मैच के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी।मैच के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी।
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