(फोटो - पीठ की चोट से बेहाल कप्तान क्लार्क।)
एडिलेड. ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान माइकल क्लार्क के मन से ना ही फिलिप ह्यूज की मौत का गम गया है और ना ही तन से पुरानी चोट। उनकी हालत तब गंभीर नजर आई जब एक बाउंसर का सामना करने के बाद उन्हें
रिटायर्ड हर्ट लौटना पड़ा।
पहले से 'घायल' था मन
इंडिया के खिलाफ
पहले टेस्ट मुकाबले से पहले वे अपने साथी फिलिप ह्यूज की याद में दुखी नजर आए। टॉस के बाद दोनों टीमों ने
फिलिप ह्यूज के लिए 63 सेकंड का मौन रखा।
जब सभी चुपचाप शांति से खड़े थे, तब क्लार्क धीरे-धीरे सुबुक रहे थे। सिर्फ वे ही नहीं, उनके साथ डेविड वार्नर की आंखें भी नम थीं।
...फिर सामने आई शरीर की चोट
माइकल क्लार्क को फिटनेस के आधार पर प्लेयिंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्होंने दमदार शुरुआत की और डेविड वार्नर के साथ मिलकर टीम को आगे बढ़ाया। उन्होंने 84 गेंदों में 9 चौके जमाते हुए 60 रन की पारी खेली।
जब वे क्रीज पर आए थे, तब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 88-2 था। उन्होंने वार्नर के साथ मिलकर टीम को 206 रन के स्कोर तक पहुंचाया।
44वें ओवर में इशांत शर्मा ने क्लार्क को बाउंसर डालकर आउट करने की कोशिश की। क्लार्क ने एक्सपर्ट स्टाइल से बाउंसर को डक किया और गेंद को खाली जाने दिया। गेंद क्लार्क को लगी तो नहीं, लेकिन उससे बचने के प्रयास में उनकी पुरानी चोट दोबारा ताजी हो गई।
क्लार्क की पीठ में तीव्र दर्द उठा और वे नीचे झुकते हुए जमीन पर बैठ गए। कप्तान की खराब हालत देख वार्नर उनके पास पहुंचे। क्लार्क ने तुरंत ही फिजियो को फील्ड में बुला लिया।
क्लार्क पीठ की चोट के कारण ही टीम से बाहर थे। उनकी वही चोट फिर से हरी हो गई और उन्हें रिटायर्ड हर्ट लौटना पड़ा।
बाउंसर से हुआ था स्वागत
माइकल क्लार्क ने पहली गेंद बाउंसर झेली थी। बॉलर वरुण आरोन ने उन्हें बाउंसर डालकर डराने की कोशिश की, लेकिन क्लार्क ने बड़ी चतुराई से उससे खुद को बचा लिया।
आगे क्लिक कर तस्वीरों में देखिए, मैदान पर झलकता क्लार्क का दर्द