एडिलेड टेस्ट में भावनाओं का जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाउंसर लगने से फिलिप ह्यूज की मौत के बाद हुए मैच में जब एक ऐसी ही गेंद विराट को लगी, सभी कंगारू खिलाड़ी उनके लिए चिंतित नजर आए, वहीं एक वक्त एेसा भी आया जब वार्नर और विराट भिड़ने को तैयार दिखे।
खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई
टीम इंडिया को पहले टेस्ट में शनिवार को
48 रनों से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय कप्तान
विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वार्नर की दोनों पारियों में शतक के अलावा ऐसे दर्जनों रिकॉर्ड बने, जिसकी वजह से यह टेस्ट मैच ऐतिहासिक बन गया। पांच दिन के मैच में कई नए रिकॉर्ड बने और पुराने टूटे। आंखें नम हुईं तो खिलाड़ियों के बीच तकरार भी हुई। जिस विराट को बाउंसर लगने के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उन्हें संभालते नजर आए, उसी विराट से बाद में वे उलझते भी दिखे। एक मैच में इतने सारे उतार-चढ़ाव की वजह से ही शायद क्रिक इन्फो वेबसाइट ने इसे 'परफेक्ट मैच' करार दिया है। इस मैच में ऐसा क्या खास हुआ, जिसकी वजह से यह यादगार बन गया, डालते हैं एक नजर।
22 साल बाद जीतते-जीतते रह गए
भारत 22 साल बाद जीत के इतने करीब पहुंच कर हारा 48 रनों से हार गया। इससे पहले 1992 में एडिलेड में ही 38 रन से हारे थे। अगर बात करें एडिलेड मैदान की तो भारत ने यहां 11 मैच खेले हैं। उसे सिर्फ एक टेस्ट में अब तक जीत मिली है। दिसंबर 2003 में
सौरव गांगुली की कप्तानी में
टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया था।
एक लाख से अधिक लोग पहुंचे स्टेडियम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस टेस्ट को देखने के लिए लगभग एक लाख 13 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंचे। यह नॉन एशेज (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाली टेस्ट सीरीज) मैच में दर्शकों की सर्वाधिक संख्या है। यह संख्या 1933 के बाद सबसे अधिक थी। जनवरी, 1933 में
वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच को देखने के लिए अंतिम दिन 24 हजार 8 सौ 36 दर्शक पहुंचे थे।
सिक्सर किंग मुरली विजय
एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी भारतीय ओपनर द्वारा सर्वाधिक छक्का लगाया गया। मुरली विजय ने दोनों पारियों में दो-दो छक्के लगाए। अगर बात की जाए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसके होम ग्राउंड की तो
वीरेंद्र सहवाग ने 2003 में मेलबर्न टेस्ट में पांच छक्के लगाए थे। वह आज भी कंगारुओं के खिलाफ एक मैच में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले ओपनर बल्लेबाज हैं।
LBW होने वाले दूसरे बल्लेबाज
99 रनों के स्कोर पर मुरली विजय LBW (लेग बिफोर द विकेट या पगबाधा) होने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं। उनसे पहले 1994 में नवजोत सिंह सिद्धू आउट हुए थे। वे श्रीलंका के खिलाफ 99 रन के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए थे।
करन शर्मा: विदेश में 24 साल बाद टेस्ट डेब्यू
भारतीय टेस्ट टीम के सबसे नए सदस्य लेग स्पिन गेंदबाज करण शर्मा की उम्र 27 साल है। अनिल कुंबले ने 1990 में जब विदेश में टेस्ट मैच में पदार्पण किया था, तब करन महज तीन साल के थे। एक स्पिन गेंदबाज के तौर पर करन से पहले कुंबले ने ही ओल्ड टेफर्ड मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण किया था। इस तरह कर्ण भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर टेस्ट में पदार्पण करने वाले बीते 24 साल में दूसरे भारतीय स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। भारतीय टीम के नियमित कप्तान
महेंद्र सिंह धोनी ने कर्ण को टेस्ट कैप पहनाया।
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