खेल डेस्क. टीम इंडिया एडिलेड टेस्ट में जीत के करीब पहुंचकर फिसल गई। दूसरा सेशन खत्म होने तक लग रहा था कि मैच इंडिया की पकड़ में है, लेकिन चायकाल के बाद गिरे मुरली विजय के विकेट ने पासा पलटकर रख दिया। टीम ने कुल 25 ओवरों में अपने शेष 8 विकेट गंवा दिए।
टीम इंडिया की हार के पीछे सबसे बड़ा हाथ रहा ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियॉन का। उन्होंने अंतिम सत्र में कुल 13.1 ओवरों में 6 बल्लेबाजों को आउट किया।
लियॉन ने कुल एक सत्र में मैच इंडिया की पकड़ से निकालकर मेजबान ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में मोड़ दिया। उन्होंने सबसे ज्यादा रन तो लुटाए, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उन्होंने खुद को मैच विनर साबित कर दिया। लियॉन ने अंतिम पारी में 152 रन के खर्च पर 7 बल्लेबाजों को आउट किया।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ इतने कमजोर पड़ गए?
एक समय था जब स्पिन बॉलर्स के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर कोई न था। उसी इंडिया के बल्लेबाज एक ऑस्ट्रेलियाई पिच पर स्पिनर के सामने कमजोर पड़ गए।
ऑस्ट्रेलिया ने खेला 'असली' गेम
अक्सर ऑस्ट्रेलिया की पिचों को फास्ट बॉलर्स के मुफीद रखा जाता है। भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मिचेल जॉनसन जैसे दिग्गज तेज गेंदबाजों को खेलने की रहती है। एडिलेड में इसका ठीक उलटा हुआ। यहां ऑस्ट्रेलिया ने स्मार्ट गेम से इंडिया को मात दे दी।
एडिलेड ओवल की पिच तीसरे ही दिन से टर्न ले रही थी। पांचवें दिन तक स्पिनर के लिए यहां की कंडीशन्स बेहतरीन हो चुकी थीं। यही वजह थी कि ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर लियॉन भारतीय बल्लेबाजों पर हावी होते चले गए।
उन्होंने दिन के पहले दो सेशन्स में सिर्फ 1 विकेट लिया था, लेकिन टी-टाइम के बाद उन्होंने एकसाथ 6 विकेट चटका लिए।
लियॉन की इस सफलता के पीछे एडिलेड की टर्निंग पिच तो थी ही, साथ ही एक फैक्टर ऐसा था जो कि खुद मेहमान टीम ने पैदा किया है।
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