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फाइनल में हीरो बनने का चांस था, उस मैच को भूल नहीं पा रहा हूं: आलोचनाओं पर बोले विजय शंकर

18 मार्च को श्रीलंका में खेली गई निदाहास ट्रॉफी (टी20 ट्राई सीरीज) के फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को हराया था।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Mar 21, 2018, 03:53 PM IST

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Cricketer Vijay Shankar interview on Nidahas Trophy final performance
क्रिकेटर विजय शंकर तमिलनाडु के ऑलराउंडर हैं। -फाइल

स्पोर्ट्स डेस्क.  बांग्लादेश के साथ निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने से टीम इंडिया के ऑलराउंडर विजय शंकर निराश हैं। सोशल मीडिया में भी उनकी जमकर आलोचना हो रही है। इसबीच, शंकर ने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा, ''मेरे पास उस मैच में हीरो बनने का चांस था। मैं बड़े शॉट लगाना चाह रहा था, लेकिन तब मुझे स्ट्राइक रोटेट करनी चाहिए थी। ट्राफी जीतने पर हर कोई खुश था और मैं निराश। उस मैच को भूल नहीं पा रहा हूं।'' बता दें कि शंकर भारतीय पारी के 17वें ओवर में स्ट्राइक पर थे और इस ओवर में सिर्फ एक रन बना। इससे टीम इंडिया पर प्रेशर बढ़ गया था।

 

शून्य पर आउट होता तो कोई कुछ नहीं बोलता

- तमिलनाडु के क्रिकेटर शंकर ने कहा, ''मेरी फैमिली और दोस्तों ने फाइनल में परफॉर्मेंस को लेकर कुछ नहीं कहा। लेकिन मुझे एक मैसैज मिला, जिसमें लिखा था- सोशल मीडिया पर जो बातें कही जा रही हैं उन पर ध्यान मत दो। मैं इन्हें भूलकर आगे बढ़ रहा हूं। भारत के लिए खेलने पर ऐसी बातें होती रहेंगी, मुझे इसे स्वीकार करना होगा।''

- ''अगर मैं दूसरी या तीसरी बॉल पर शून्य के स्कोर पर आउट हो जाता तो कोई मेरी परफॉर्मेंस को लेकर नहीं बोलता। आप हमेशा सुरक्षित विकल्प के बारे में नहीं सोच सकते, चुनौतियों का सामना करना होगा। वह खराब दिन था, मैं भूल नहीं पा रहा हूं। फाइनल को छोड़कर पूरा टूर्नामेंट मेरे लिए अच्छा रहा।''

 

फाइनल में मेरे पास हीरो बनने का चांस था: शंकर

- शंकर ने आगे कहा, ''मैच जीतने के बाद हर कोई खुश था लेकिन मुझे बहुत निराशा महसूस हो रही थी। यह मेरे लिए हीरो बनने का मौका था। मैच मुझे खत्म करना चाहिए था। मैं बड़े शॉट लगाना चाह रहा था पर स्ट्राइक रोटेट करना चाहिए थी।'' 
- ''मैंने सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में ज्यादा डॉट बॉल नहीं खेलीं, मुस्तफिजूर रहमान ने वो ओवर (जिसमें सिर्फ 1 रन बना) बेहतरीन डाला था।''

 

रोहित, कार्तिक और शास्त्री ने हौसला बढ़ाया 

- शंकर ने बताया कि मैच के आखिरी दौर में दिनेश कार्तिक ने कहा था कि बैलेंस बनाकर बाउंड्री मारो। कप्तान रोहित शर्मा और कोच रवि शास्त्री के साथ टीम के सभी खिलाड़ियों ने भी हौसला बढ़ाया और कहा कि आगे अच्छा होगा, निराश मत हो।
- शंकर ने कहा कि टीम में सिलेक्ट होने को लेकर चितिंत नहीं हूं। आईपीएल दो हफ्तों के बाद शुरू हो रहा है, मेरा ध्यान अब दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर हैं।

 

निदाहास ट्रॉफी के फाइनल में क्या हुआ था? 

- 18 मार्च को श्रीलंका में निदाहास ट्रॉफी (टी20 ट्राई सीरीज) का फाइनल मुकाबला भारत और बांग्लादेश के बीच खेला गया था। बांग्लादेश ने पहले बैटिंग करते हुए भारत को 167 रन का टारगेट दिया। भारत की शुरुआत अच्छी रही और 13वें ओवर में कप्तान रोहित शर्मा आउट हुए। फिर शंकर बैटिंग के लिए आए, तब भारत को जीत के लिए 40 बॉल में 69 रन बनाने थे।
- इसके बाद जब 17वें ओवर में भारत को 35 रन चाहिए थे। स्ट्राइक शंकर के पास थी, लेकिन मुस्तफिजूर रहमान ने बेहतरीन बॉलिंग की और शंकर 4 बॉल पर रन नहीं बना सके। इस ओवर में एक ही रन बना था। इसी ओवर से टीम इंडिया पर हार का खतरा मंडराने लगा था, लेकिन दिनेश कार्तिक ने 8 बॉल पर 29 रन बनाकर जीत दिलाई। शंकर आखिरी ओवर में 19 बॉल पर 17 रन बनाकर आउट हुए। 

Cricketer Vijay Shankar interview on Nidahas Trophy final performance
विजय शंकर फाइनल में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
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