कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में मिलीं सिरिंज, एस्ट्रॉयड लेने की आशंका; भारतीय एथलीट्स भी यहीं ठहरे हैं / कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में मिलीं सिरिंज, एस्ट्रॉयड लेने की आशंका; भारतीय एथलीट्स भी यहीं ठहरे हैं

DainikBhaskar.com

Mar 31, 2018, 06:52 PM IST

4 अप्रैल को ओपनिंग सेरेमनी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज हो जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट मे ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट मे

गोल्ड कोस्ट. कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज में भारतीय एथलीटों के शिविर के पास से सीरिंज मिलने की खबर है। हालांकि, भारतीय अफसरों ने कहा है कि उनके किसी खिलाड़ी ने इनका इस्तेमाल नहीं किया है। हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्हाेंने मामले की जांच की मांग की है। बता दें कि 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज 4 अप्रैल को होगा। 19 खेलों में भारत से 218 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। कुछ खिलाड़ी पहले ही गेम्स विलेज पहुंच गए हैं।

बढ़ सकती हैं भारतीय दल की मुश्किलें

- कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के सीई डेविड ग्रेवेमबर्ग ने कहा है कि विलेज के स्टाफ ने सीरिंज मिलने की सबसे पहले जानकारी दी थी। हम मामले की जांच कर रहे हैं। अगर कोई पुख्ता सबूत मिले तो सीडब्लूजी का मेडिकल कमीशन मामले को देखेगा। फिर इसे एंटी डोपिंग कैटेगरी में रखा जाएगा।

- ये भी कहा जा रहा है कि ये सीरिंज शुक्रवार को एक भारतीय बॉक्सर के रूम से मिली हैं। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

एथलीट नहीं रख सकते निडिल
- कॉमनवेल्थ फेडरेशन ने ग्लास्गो गेम्स 2014 से निडिल (सुई) फ्री पॉलिसी अपना रखी है। इसके तहत एथलीट अपने पास निडिल नहीं रख सकते। हालांकि, अगर किसी का इलाज चल रहा है तो उसे छूट रहती है।

मामला सामने आने के बाद भारतीय अफसरों की सफाई

1) रूम में नहीं मिली सीरिंज

- भारतीय अफसरों का कहना है कि सीरिंज भारतीय एथलीट के रूम से नहीं मिली हैं। यह उस कम्पाउंड में मिली है, जहां कई देशों के एथलीट ठहरे हुए हैं। इससे हमारे एथलीट्स का कोई लेना-देना नहीं है।

2) हम पर शक करना गलत
- भारतीय अफसरों ने कहा, " भारतीय दल के डॉक्टर्स ने ही सीरिंज मेडिकल कमीशन को दी थीं, जिसके बाद उन्हें डिस्पोज कर दिया गया। उनके पास हमने पूछने को बहुत कुछ नहीं था और उसके बाद से कोई बात भी नहीं हुई। यह गलत है कि हम पर शक किया जा रहा है। हमनें तो ऐसा (सीरिंज सौंपना) अच्छाई के लिए किया।"

3) डोप टेस्ट का सीरिंज मामले से संबंध नहीं
- भारतीय अफसर ने कहा, "कुछ एथलीट्स को डोप टेस्ट देना है, लेकिन उसका इस सीरिंज प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। वह सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा। नियम के मुताबिक, खेल शुरू होने से पहले कुछ खिलाड़ियों का डोप टेस्ट किया जाता। हम पूरी काेशिश कर रहे हैं कि कोई भी खिलाड़ी डोपिंग में शामिल न होने पाए।''

फैक्ट फाइल: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत

1) पीवी सिंधु भारतीय दल की ध्वजवाहक

- कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भारतीय दल की ध्वजवाहक हैं। इससे पहले मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स-2006 में राज्यवर्धन सिंह राठौड़, नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 में अभिनव बिंद्रा और ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स-2014 में विजय कुमार ध्वजवाहक रहे थे।

2) पिछले 3 कॉमनवेल्थ गेम्स में इंडिया की परफॉर्मेंस

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2014: भारत ने 15 गोल्ड, 30 सिल्वर और 19 ब्राॅन्ज मेडल जीते थे। 64 मेडल के साथ भारत 5वें स्थान पर रहा था।

नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010: भारत ने 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्राॅन्ज मेडल जीते। 101 मेडल के साथ भारत दूसरे स्थान पर रहा था।

मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स 2006: भारत ने 22 गोल्ड, 17 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल। 49 मेडल के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा था।

3) 1934 में भारत पहली बार शामिल हुआ

- कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हुई। उस समय इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स नाम दिया गया।

- भारत ने पहली बार 1934 के लंदन कॉमनवेल्थ गेम्स हिस्सा लिया।

- भारत को राशिद अनवान ने पुरुष कुश्ती के 74 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला मेडल दिलाया था।

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