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स्पॉन्सर मैगलन ने ऑस्ट्रेलिया बोर्ड के साथ कॉन्टैक्ट खत्म किया, 3 तीन साल के लिए हुई थी 1 अरब की डील

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद आईपीएल ने भी स्मिथ और वॉर्नर पर को बैन कर दिया।

Dainik Bhaskar

Mar 29, 2018, 09:33 AM IST
बॉल टैम्परिंग की घटना के पांच बॉल टैम्परिंग की घटना के पांच

  • 2015 की वर्ल्ड कप विजेता टीम के कोच रहे चुके हैं डेरेन लेहमैन
  • मैगलन के को-फाउंडर हामिश डगलस ने कहा कोई ऑप्शन ही नहीं बचा था। फैसला भारी मन से लिया।
  • एक और कंपनी एएसआईसीएस ने भी वॉर्नर और कैमरून बेनक्रॉफ्ट के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया।

सिडनी. स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बेनक्रॉफ्ट पर बैन लगने के बाद भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को बॉल टैम्परिंग की घटना का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। मामले के पांचवें दिन जहां क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं टीम के खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक बात यह रही कि शाम को कोच डेरेन लेहमैन ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। हालांकि साउथ अफ्रीका में खेले जाने वाले अंतिम टेस्ट में वह कोच बने रहेंगे। लेहमैन का यह कदम अप्रत्याशित इसलिए है, क्योंकि सीए ने उन्हें अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी थी।

1) मैगलन ने तोड़ दिया सीए से नाता

- इससे पहले सुबह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के टॉप स्पॉन्सर्स में से एक मैगलन ने उससे नाता तोड़ दिया।

- 2017 में दोनों के बीच घरेलू टेस्ट मैचों के राइट्स को लेकर तीन साल के लिए करीब एक अरब रुपए की डील हुई थी। मैगलन फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट कंपनी है।

2) स्मिथ-वॉर्नर पर लगा है एक साल का बैन

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक दिन पहले ही स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक-एक साल, जबकि कैमरन बेनक्रॉफ्ट पर नौ महीने का बैन लगाया है। स्मिथ दो साल तक कप्तानी भी नहीं कर पाएंगे, जबकि वॉर्नर को कप्तान बनाने पर अब कभी भी विचार नहीं किया जाएगा। मैगलन फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट कंपनी है।

3) आईपीएल में भी रहे चुके हैं कोच

- लेहमैन 2015 की वर्ल्ड कप विजेता ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कोच रहे हैं।

- वह 2003 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। वह 2009 से 2012 तक आईपीएल टीम डेक्कन चार्जर्स और 2013 में किंग्स इलेवन पंजाब के कोच रह चुके हैं।

4)पहले इस्तीफा देने से किया था इनकार
दिलचस्प यह है कि लेहमैन ने आज ही सुबह कहा था कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच बने रहेंगे।

उन्होंने कहा था, "इस घटना में शामिल खिलाड़ियों पर बहुत कड़ा बैन लगाया गया है। वे जानते हैं उन्हें इसका सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है, लेकिन वे बुरे इंसान नहीं हैं। मैं उनके और उनके परिवार के बारे में सोचता हूं। गलतियां सभी से होती हैं। पूर्व में मुझसे भी हुईं हैं। वे अभी युवा हैं। मुझे लगता है कि उन्हें दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।"

5) मैगलन का बयान: भारी मन से लिया फैसला

- मैगलन के चीफ एक्जीक्यूटिव और को-फाउंडर हामिश डगलस ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हमारी हिस्सेदारी खेल भावना के साथ थी, लेकिन इस विवाद के बाद वह विश्वास टूटा है। इसलिए

भारी मन से यह फैसला लिया।

- एक और कंपनी एएसआईसीएस ने भी डेविड वॉर्नर और कैमरून बेनक्रॉफ्ट के साथ अपने रिश्ते खत्म करने का एलान किया। इन दोनों खिलाड़ियों के साथ कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की जानकारी ट्वीट कर दी। एएसआईसीएस स्पोर्ट्स से जुड़े सामान बनाती है।

6) स्मिथ-वॉर्नर को 32 करोड़ रुपए का नुकसान

- स्मिथ और वॉर्नर को आईपीएल के इस सीजन में खेलने पर 12-12 करोड़ रुपए मिलने थे। साथ ही, अगले एक साल कोई भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं खेल पाने के चलते उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाली 20-20 करोड़ रुपए की मैच फीस भी नहीं मिल पाएगी। इस तरह दोनों को 32 करोड़ रुपए यानी 64 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर का नुकसान होगा।
- वाॅर्नर एलजी, निकोलस, नाइन, टोयोटा, नेस्ले जैसे ब्रांड से जुड़े हैं। इस विवाद के बाद एलजी ने कहा है कि वह वॉर्नर के साथ करार रिन्यू नहीं करेगी।

7) 141 साल में पहली बार बॉल टैम्परिंग केस में बैन
- टेस्ट क्रिकेट 1877 से खेला जा रहा है। बीते 141 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब बॉल टैम्परिंग करने पर दो खिलाड़ियों के खेलने पर एक-एक साल का बैन और कप्तानी करने पर दो-दो साल का बैन लगा है। इससे पहले नौ खिलाड़ियों पर लाइफ टाइम बैन लगा था, लेकिन वह मैच फिक्सिंग के आरोपों पर लगा था। इनमें से तीन खिलाड़ियों पर बैन बाद में हटा लिया गया था।
- सचिन तेंडुलकर पर 2001 में बॉल टैम्परिंग मामले में एक मैच का बैन लगा था। इसे बाद में हटा लिया गया। 2010 में शाहिद आफरीदी पर भी दो मैचों का प्रतिबंध लगा था।

8) स्मिथ-वॉर्नर-बेनक्रॉफ्ट ने आखिर क्या किया था?
- ऑस्ट्रेलियाई टीम टेस्ट सीरीज खेलने के लिए साउथ अफ्रीका गई है। शनिवार को केपटाउन में सीरीज के तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन का खेल हो रहा था। लंच के बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपनर बेनक्रॉफ्ट पीले रंग के टुकड़े को गेंद पर रगड़ते नजर आए।
- बेनक्रॉफ्ट गेंद के चमकीले हिस्से की उल्टी दिशा को टेप से रफ करने की कोशिश कर रहे थे ताकि रिवर्स स्विंग मिले। उनकी यह हरकत टीवी कैमरे की जद में आ गई।
- दिन का खेल खत्म होने के बाद स्टीव स्मिथ और बेनक्रॉफ्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बॉल टैम्परिंग की बात कबूल की। स्मिथ ने कहा था- लंच के दौरान टीम लीडरशिप ने इसकी प्लानिंग की थी। लेकिन कोच लेहमैन इसमें शामिल नहीं थे। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बाद स्टीव स्मिथ ने कप्तान और डेविड वॉर्नर ने उपकप्तान पद से इस्तीफा दे दिया था।
- नियमों के मुताबिक, फील्डर बॉल से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकते। अंपायर की देखरेख में वे बॉल से मिट्‌टी जरूर हटा सकते हैं। बॉल गीली होने पर किसी अप्रूव्ड कपड़े से उसे सुखा सकते हैं। खुरदुरा करने के लिए जानबूझकर ग्राउंड पर नहीं फेंक सकते। अंगुलियों या अन्य किसी भी अार्टिफिशियल तरीके से उसे स्क्रैच भी नहीं कर सकते।

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