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आसान नहीं टेस्ट सीरीज, साउथ अफ्रीका में विराट की टीम के सामने हैं ये 5 चैलेंज

5 जनवरी को भारत-साउथ अफ्रीका के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे से शुरू होगा।

Dainik Bhaskar

Jan 04, 2018, 02:11 PM IST
Virat Kohli and Team have these challenges in South Africa Test series

स्पोर्ट्स डेस्क. लगातार नौ सीरीज जीतने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी विराट की टीम शुक्रवार से उस मिशन पर उतरेगी, जिसमें टीम इंडिया को 26 साल से सफलता नहीं मिली है। यह मिशन है, दक्षिण अफ्रीका में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने का। 1992 से अब तक टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का यह सातवां दक्षिण अफ्रीका दौरा है। इससे पहले हुए छह दौरों में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ परिणाम 2010 में रहा था। तब तीन मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही थी। इसके अलावा पांच सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा है। भारत यदि यह सीरीज जीतता है तो वह लगातार 10 सीरीज जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना देगा। धवन हैं फिट, ऐसा होगा टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर....

- टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर यह हैं कि शिखर धवन टखने की चोट से उबर चुके हैं। अब ओपनिंग में भारत के पास मुरली विजय, शिखर और लोकेश राहुल के रूप में तीन विकल्प हैं। तीसरे नंबर पर पुजारा और चौथे नंबर पर विराट मौजूद रहेंगे। पांचवें पर रहाणे का खेलना तय लग रहा है। रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या में से किसी एक को मौका मिल सकता है।

बैटिंग के लिए अच्छी रहती है पिच

- पिच पर काफी घास है। देखना है कि इसे मैच के दिन कम किया जाता है या नहीं। न्यूलैंड्स की पिच आम तौर पर घास के बावजूद बल्लेबाजी के अच्छी होती है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम से हवा चलने पर सीम और स्विंग को मदद मिलती है। बादल छाए तो बल्लेबाजों की मुश्किल बढ़ सकती है।

हिसाब बराबर करना है : डुप्लेसिस

- दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने कहा कि उन्हें पता नहीं कि वे और सीनियर खिलाड़ी भारत के खिलाफ अगली सीरीज में खेल पाएंगे या नहीं। इसलिए वे इसी सीरीज में भारत में मिली हार का हिसाब चुकता करना चाहते हैं। 2015 में भारत ने अपने घर में द. अफ्रीका को 3-0 से हराया था।

भारत के लिए सबसे बड़ी राहत, स्टेन का खेलना मुश्किल

- साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ओटिस गिब्सन ने संकेत दिए हैं कि फास्ट बॉलर डेल स्टेन को अपनी वापसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि उनका भारत के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में उतारना जोखिम भरा हो सकता है।

- गिब्सन ने कहा, 'डेल स्टेन फिर से फिट हैं, लेकिन मैं नहीं जानता कि हम उन्हें इस हफ्ते खेलते हुए देखेंगे या नहीं। स्टेन चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपना आखरी टेस्ट मैच नवंबर 2016 में खेला था। वह फिट हैं लेकिन प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिये उन्हें कुछ और मेहनत करनी होगी।'

केपटाउन में दोनों टीमों का रिकॉर्ड
- सीरीज का पहला मैच इसी मैदान पर खेला जाना है। यहां दोनों टीमों के बीच अब तक 4 टेस्ट मैच हुए हैं। इसमें से 2 मैच साउथ अफ्रीका ने जीते हैं, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। टीम इंडिया को अब भी यहां अपनी पहली जीत का इंतजार है।

आगे की स्लाइड्स में जानें टीम इंडिया और कप्तान विराट के सामने इस सीरीज में क्या हैं 5 बड़े चैलेंज...

Virat Kohli and Team have these challenges in South Africa Test series

17 में से भारत ने जीते हैं सिर्फ 2 मैच....

- टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ साउथ अफ्रीका में अब तक कुल 17 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें से सिर्फ 2 में उसे जीत मिली है। 

- भारत ने पहली जीत दिसंबर, 2006 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में दर्ज की थी। तब भारत ने जोहानिसबर्ग में खेले गए मैच को 123 रन से जीता था।

- टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका में दूसरी टेस्ट जीत दिसंबर, 2010 में मिली। तब धोनी भारत के कप्तान थे। टीम ने ये मैच 87 रन से जीता था। 

- 1992 से 2013 के बीच टीम इंडिया यहां सिर्फ यही 2 मैच जीत पाई है। वहीं, 8 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा, जबकि 7 मैच ड्रॉ रहे हैं।

- टीम इंडिया ने यहां आखिरी मैच दिसंबर, 2013 में खेला था, जिसमें साउथ अफ्रीका को 10 विकेट से जीत मिली थी। डरबन में खेले गए इस मैच में डेल स्टेन ने कुल 9 विकेट लिए थे।

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लंबे समय से स्लो पिच पर टेस्ट मैच खेले

- साउथ अफ्रीका में भारतीय बैट्समैन को तेज पिच पर खेलना होगा। तेज पिच पर फास्ट बॉलर्स का सामना करना आसान नहीं होगा। ऐसा 

इसलिए भी क्योंकि पिछले करीब 2 सालों में भारतीय टीम सब-कॉन्टिनेंट में ही खेल रही है।

- विराट कोहली जनवरी, 2015 में भारत के फुलटाइम टेस्ट कैप्टन बने थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच छोड़ दिया जाए तो इसके बाद से उन्होंने भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और वेस्ट इंडीज में ही टेस्ट सीरीज खेली हैं। भारतीय उपमहाद्वीप के साथ ही वेस्ट इंडीज में भी स्लो पिच रहती हैं।

- विराट की कप्तानी में भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ नवंबर, 2015 में घरेलू टेस्ट सीरीज खेली थी, जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की थी। 3 सालों की कप्तानी में ये पहला मौका है जब विराट विदेश में फास्ट पिच पर टेस्ट सीरीज खेलेंगे।

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सीम बॉलिंग कितनी सफल, जडेजा-अश्विन में से किसे मिलेगा मौका
- देखना होगा कि अफ्रीकी पिचों पर भारत के सीम बॉलर्स कितने सफल हो पाते हैं। भारत के पास जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, उमेश यादव जैसे फास्ट बॉलर्स हैं। 

- वहीं, 2017 में टीम इंडिया ने 11 टेस्ट खेले, जिसमें से 7 जीते। इस जीत में सबसे बड़ा योगदान स्पिन जोड़ी का रहा। आर. अश्विन ने पिछले साल 56 तो रवींद्र जडेजा ने 54 विकेट झटके। ये दोनों 2017 में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के टॉप 5 बॉलर्स की लिस्ट में शामिल हैं।

- वहीं, 2017 में उमेश यादव ने 31, मोहम्मद शमी ने 19, इशांत शर्मा ने 14 और भुवनेश्वर कुमार ने 11 विकेट लिए थे। बुमराह के लिए तो ये डेब्यू टेस्ट सीरीज होगी।

- वहीं, साउथ अफ्रीका में फास्ट पिच को देखते हुए एक ही स्पिनर को टीम में जगह मिल पाएगी। ऐसे में कप्तान विराट के सामने ये दुविधा होगी कि वो किसे टीम में रखें। हालांकि, रवींद्र जडेजा की संभावना ज्यादा है, क्योंकि वो रन भी बना सकते हैं।

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रबाडा, फिलेंडर और मॉर्कल से निपटना होगी चुनौती
- साउथ अफ्रीका के फास्ट बॉलर्स कैगिसो रबाडा भारतीय बैट्समैन के लिए सबसे बड़ी मुसीबत होंगे। रबाडा 2017 में टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे बेस्ट बॉलर रहे थे। उन्होंने 11 मैचों में 57 विकेट झटके थे।

- वहीं, मोर्कल के नाम 9 मैचों में 36 और फिलेंडर के नाम 9 मैचों में 25 विकेट हैं। फिलेंडर साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज 50 टेस्ट विकेट लेने वाले बॉलर भी हैं। उन्होंने 7 मैचों में इतने विकेट लिए थे।

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तैयारी पर बड़ा सवाल, नहीं खेला एक भी प्रैक्टिस मैच
- इस मुश्किल और अहम टूर के लिए टीम इंडिया की तैयारी पर भी सवाल उठ रहे हैं। रवाना होने से पहले भारतीय टीम ने प्रैक्टिस मैच भी कैंसिल करवा दिया था। इसकी जगह उन्होंने ट्रेनिंग सेशन रखने की बात कही थीं।

- ऐसे दौरों के लिए तैयारी के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए और टीम के लिए 3-3 दिन के एक या दो प्रैक्टिस मैच खेलने जरूरी होते हैं, जिससे वहां कि पिच और कंडीशंस से तालमेल बैठाया जा सके।

- वहीं, टीम इंडिया ने यहां सिर्फ ट्रेनिंग सेशन किया और बाकी टाइम प्लेयर्स वाइफ और फैमिली के साथ एन्जॉय करते ही नजर आए।

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