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मैच जिससे मोंगिया पर उठे सवालः 54 बॉल पर बनाने थे 63 रन, बने सिर्फ 16

टीम इंडिया ये मैच हार गई थी। इसके बाद काफी विवाद हुआ था। हालांकि, अगला मैच जीतकर उसने विल्स वर्ल्ड सीरीज जीत ली थी।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 06:44 PM IST
When Nayan Mongia batted very slow with Manoj Prabhakar in 1994

स्पोर्ट्स डेस्क. 19 दिसंबर को 48 साल के हुए पूर्व इंडियन क्रिकेटर नयन मोंगिया की गिनती भारत के स्टार विकेटकीपर-बैट्समैन में होती है। हालांकि, एक वक्त मोंगिया को बेहद खराब बैटिंग के बाद टीम से बाहर भी कर दिया गया था। ऐसा वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच में हुआ था। ये विवादित मैच 30 अक्टूबर, 1994 को कानपुर में खेला गया था। 54 बॉल पर बने थे सिर्फ 16 रन...

- मैच में टीम इंडिया को आखिरी 9 ओवर में जीत के लिए 63 रन बनाने थे। रन रेट 6 से ऊपर जरूर था, लेकिन टारगेट हासिल किया जा सकता था। तब क्रीज पर ओपनर मनोज प्रभाकर और नयन मोंगिया थे। भारत के 5 विकेट गिर चुके थे। लेकिन आखिरी ओवर्स में मोंगिया और प्रभाकर ने बेहद धीमी बैटिंग की।

- ऐसा लग ही नहीं रहा था कि दोनों बैट्समैन मैच जीतने के लिए खेल रहे हैं। एक बॉल पर भी वो तेजी से रन बनाने की कोशिश करते नजर नहीं आए। मोंगिया अंत में 21 बॉल खेलकर और 4 रन बनाकर नॉटआउट रहे।

सिर्फ 258 रन था टारगेट

- कानपुर में हुए इस मैच में वेस्ट इंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 257 रन बनाए थे। मैच जीतने के लिए टीम इंडिया को 258 रन का टारगेट मिला था।

- ओपनिंग करने आए मनोज प्रभाकर और सचिन तेंडुलकर ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 56 रन जोड़े। मिडल ओवर्स में कप्तान अजहरुद्दीन ने भी 26 रन की इनिंग खेली।

- अंत में मनोज प्रभाकर और मोंगिया की धीमी बैटिंग के कारण टीम इंडिया ये मैच 46 रन से हार गई थी। प्रभाकर 102 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे।

दोनों को कर दिया गया था टीम से बाहर
- दोनों बैट्समैन की बेहद खराब परफॉर्मेंस के कारण उन्हें अगले मैच के लिए टीम से बाहर कर दिया गया। मैच को फिक्स तक बताया गया था।

- बाहर होने के बाद मनोज प्रभाकर ने कहा था, "मोंगिया जब बैटिंग करने आए तो मैनेजमेंट का मैसेज लेकर आए थे। उन्होंने कहा था कि टारगेट के करीब पहुंचने की कोशिश करनी है। मैं तो इसी आदेश के हिसाब से बैटिंग कर रहा था। उस समय की 48 बॉल में से मैंने सिर्फ 11 खेली थी और 9 रन बनाए थे। किसी और की गलती के कारण मुझे मैच से बाहर होना पड़ा।"

- प्रभाकर ने 92 बॉल में अपनी हाफ सेन्चुरी पूरी की थी और फिर अगले 52 रन के लिए उन्होंने 62 बॉल खेली थी। ऐसे में, साफ था कि मोंगिया ही ज्यादा धीमी बैटिंग कर रहे थे।

आगे की स्लाइड्स में देखें कौन था दोनों टीमों का टॉप स्कोरर और साथ ही देखें दोनों टीमों का स्कोरबोर्ड...

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