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जिस रिवर्स स्विंग के लिए बॉल से छेड़छाड़ करती हैं टीमें, उसे इजाद करने वाला था एक पाकिस्तानी

इंटरनेशनल क्रिकेट में रिवर्स स्विंग की शुरुआत पाकिस्तान ने की थी।

Dainik Bhaskar

Mar 28, 2018, 11:41 AM IST
रिवर्स स्विंग इजाद करने वाले सरफराज रिवर्स स्विंग इजाद करने वाले सरफराज

बॉल को रिवर्स स्विंग कराने के लिए अब टीमें बॉल से छेड़छाड़ करने लगी है। हाल ही में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम भी इस विवाद में फंसी है। असल में रिवर्स स्विंग बॉल खेलने में बैट्समैन को काफी परेशानी होती है। ऐसे में बॉलिंग कर रही टीम के लिए ये बहुत फायदेमंद साबित होती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि क्रिकेट की ये जादूगरी किसी और ने नहीं बल्कि एक पाकिस्तानी ने इजाद की थी और इसे टेक्नीक से छेड़छाड़ करने में पाकिस्तानी ही सबसे आगे रहे हैं। पाकिस्तानी प्लेयर ने की थी इजाद...

- सबसे पहले 1970 के दशक में पाकिस्तान के पेसर सरफराज नवाज ने रिवर्स स्विंग फेंकी। इंटरनेशनल क्रिकेट में रिवर्स स्विंग की शुरुआत पाकिस्तान ने की। इस दौर में सरफराज इसे इस्तेमाल करने वाले पहले गेंदबाज माने गए। इमरान खान ने भी उसी समय इसे सीखा।

छेड़छाड़ में सबसे आगे पाकिस्तान

बॉल से छेड़छाड़ करने के मामले में पाकिस्तान सबसे ज्यादा बार फंसा है। पाकिस्तानी प्लेयर्स 1992, 2000, 2002, 2006 और 2010 में बॉल टेम्परिंग करते हुए फंस चुके हैं।

फिर ये बने रिवर्स स्विंग के माहिर
- ऑस्ट्रेलिया के डेनिस लिली ने भी इस आर्ट को कुछ हद तक सीखा। इमरान खान से यह कला वसीम अकरम और वकार यूनुस तक पहुंची। 90 के दशक में इन दोनों गेंदबाजों ने रिवर्स स्विंग से पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया।
- पाक खिलाड़ी काउंटी भी खेलते थे। उन्होंने अपना हुनर इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाजों को भी सिखाया। फिर एक जमाने में रिवर्स स्विंग का मुखर आलोचक इंग्लैंड इस कला का अग्रणी देश बन गया। भारतीयों में प्रभाकर ने सबसे पहले सीखा।

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ऐसा है स्विंग का साइंस
- बाउंड्री लेयर थ्योरी:जब भी किसी गोल ऑब्जेक्ट को फेंकते हैं तो उसकी बाहरी सतह पर हवा की लेयर बनती है। सतह के स्मूथनेस के लिहाज से यह लेयर दो तरह की हो सकती है। पहला लैमिनर बाउंड्री लेयर और दूसरा टर्बुलेंट लेयर। ऑब्जेक्ट फेंके जाने की स्पीड और उसकी सतह के लिहाज से बने बाउंड्री लेयर के आधार पर तय होता है कि उसका रास्ता सीधा रहेगा या इसमें किसी दिशा में स्विंग यानी सीधे रास्ते से बदलाव आएगा।

कन्वेंशनल स्विंग
- गेंद जब नई होती है तो इसकी सतह सीम के दोनों ओर एक जैसी होती है। इसलिए फील्डिंग करने वाली टीम के खिलाड़ी गेंद के एक भाग को ज्यादा शाइनी बनाने की कोशिश करते हैं। जब गेंदबाज गेंद फेंकता है तो शाइनी तरफ की ओर लैमिनर बाउंड्री लेयर बनता है और दूसरी ओर टर्बुलेंट बाउंड्री लेयर बनती है। टर्बुलेंट लेयर जिधर बनती है उधर, हवा का प्रतिरोध ज्यादा होता है और गेंद उस दिशा में स्विंग कर जाती है।

रिवर्स स्विंग
- गेंद जब पुरानी हो जाती है तो इसका दोनों हिस्सा रफ हो जाता है। इसमें एक हिस्से को और भी रफ किया जाता है। गेंद फेंकने पर सीम के दोनों तरफ टर्बुलेंट बाउंड्री लेयर बनती है। लेकिन, जो हिस्सा ज्यादा रफ होता है उधर इसका असर ज्यादा होता है। लेयर जितना ज्यादा टर्बुलेंट बनता है वह उतनी ही तेजी से गेंद की सतह से हटती भी है। ऐसा होने पर गेंद नॉर्मल स्विंग की उल्टी दिशा में स्विंग होती है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, कैसे होती है स्विंग और कैसे होती है बईमानी...

ड्राई पिच आइडियल, पूरी टीम मिलकर तैयार करती है गेंद  ध्यान रखा जाता है कि गेंद पर किसी किस्म का तरल पदार्थ न लगे। जल्दी रफ करने के लिए बाउंसर और क्रॉस सीम डिलीवरी ज्यादा फेंकी जाती है। कम घास वाली आउटफील्ड और ड्राई पिच रिवर्स स्विंग के लिए ज्यादा माकूल होती है। इससे रफ जल्दी बनता है। ड्राई पिच आइडियल, पूरी टीम मिलकर तैयार करती है गेंद ध्यान रखा जाता है कि गेंद पर किसी किस्म का तरल पदार्थ न लगे। जल्दी रफ करने के लिए बाउंसर और क्रॉस सीम डिलीवरी ज्यादा फेंकी जाती है। कम घास वाली आउटफील्ड और ड्राई पिच रिवर्स स्विंग के लिए ज्यादा माकूल होती है। इससे रफ जल्दी बनता है।
फिर बनती है बेईमानी की गुंजाइश  कई बार प्राकृतिक परिस्थितियां रिवर्स स्विंग के माकूल नहीं होती है। तब गेंद को अनुचित तरीके से रफ करने की कोशिश करते हैं। नाखून, ढक्कन आदि का सहारा लेते हैं। फिर बनती है बेईमानी की गुंजाइश कई बार प्राकृतिक परिस्थितियां रिवर्स स्विंग के माकूल नहीं होती है। तब गेंद को अनुचित तरीके से रफ करने की कोशिश करते हैं। नाखून, ढक्कन आदि का सहारा लेते हैं।
Story of REVERSE SWING in Cricket, It Came From Pakistan 100 years Before
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रिवर्स स्विंग इजाद करने वाले सरफराजरिवर्स स्विंग इजाद करने वाले सरफराज
ड्राई पिच आइडियल, पूरी टीम मिलकर तैयार करती है गेंद  ध्यान रखा जाता है कि गेंद पर किसी किस्म का तरल पदार्थ न लगे। जल्दी रफ करने के लिए बाउंसर और क्रॉस सीम डिलीवरी ज्यादा फेंकी जाती है। कम घास वाली आउटफील्ड और ड्राई पिच रिवर्स स्विंग के लिए ज्यादा माकूल होती है। इससे रफ जल्दी बनता है।ड्राई पिच आइडियल, पूरी टीम मिलकर तैयार करती है गेंद ध्यान रखा जाता है कि गेंद पर किसी किस्म का तरल पदार्थ न लगे। जल्दी रफ करने के लिए बाउंसर और क्रॉस सीम डिलीवरी ज्यादा फेंकी जाती है। कम घास वाली आउटफील्ड और ड्राई पिच रिवर्स स्विंग के लिए ज्यादा माकूल होती है। इससे रफ जल्दी बनता है।
फिर बनती है बेईमानी की गुंजाइश  कई बार प्राकृतिक परिस्थितियां रिवर्स स्विंग के माकूल नहीं होती है। तब गेंद को अनुचित तरीके से रफ करने की कोशिश करते हैं। नाखून, ढक्कन आदि का सहारा लेते हैं।फिर बनती है बेईमानी की गुंजाइश कई बार प्राकृतिक परिस्थितियां रिवर्स स्विंग के माकूल नहीं होती है। तब गेंद को अनुचित तरीके से रफ करने की कोशिश करते हैं। नाखून, ढक्कन आदि का सहारा लेते हैं।
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