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स्मिथ, वॉर्नर पर लगा एक साल का बैन, कोच लैहमन पर भी गिरी गाज : रिपोर्ट

बोर्ड का मानना है कि इस मामले से टीम की साख गिरी है। इतना ही नहीं स्मिथ-वॉर्नर के साथ कोच लेहमन पर भी गाज गिरी है।

Dainik Bhaskar

Mar 27, 2018, 01:43 PM IST
डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ। डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ।

बॉल टेम्परिंग विवाद में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और उपकप्तान डेविड वॉर्नर पर एक साल का बैन लगा दिया गया है। वहीं टेम्परिंग करते पकड़े गए बॉलर ब्रैंक्रॉफ्ट पर सिर्फ 9 महीने का बैन ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने लगाया है। साउथ अफ्रीका में हुए बॉल टेम्परिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने ये फैसला लिया है। बोर्ड का मानना है कि इस गैरकानूनी काम से टीम की साख गिरी है। क्या है मामला...

- आपको बता दें कि केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका टेस्ट में टीम के बॉलर बैंक्रॉफ्ट बॉल से छेड़छाड़ करते हुए पकड़े गए थे। इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ को कप्तानी से हटा दिया। बाद में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स ने भी उनसे कप्तानी छीन ली। वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टीम कोच डेरेन लेहमन से भी इस्तीफा मांग लिया है।

11 साल में पहले बार होंगे सारे भारतीय कप्तान
- आपको बता दें कि राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद को छोड़कर सारी टीमों के कप्तान भारतीय रहे हैं। लेकिन टेम्परिंग विवाद के बाद आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स ने स्मिथ से कप्तानी छीन ली है और रहाणे टीम के कप्तान हो सकते हैं। वहीं डेविड वॉर्नर के हटने से अब सनराइजर्स हैदराबाद को भी भारतीय कप्तान मिल सकता है जिसमें शिखर धवन बड़ा नाम है। ऐसा हुआ तो ये पहला मौका होगा, जब आईपीएल के इतिहास में सारी टीमों के कप्तान भारतीय होंगे।

क्या है बॉल टेम्परिंग विवाद?

- साउथ अफ्रीका के साथ केपटाउन में हो रहे टेस्ट मैच के दौरान कैमरून बेनक्रॉफ्ट बॉल को किसी चीज से घिसते नजर आए।
- टीवी कैमरे में वे अंडरवियर में पीले रंग का टेप छिपाते दिखे। इस टेप पर वे मिट्टी-कंकड़ चिपकाकर बॉल पर रगड़ रहे थे।
- बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मिथ और बेनक्रॉफ्ट ने बॉल टेम्परिंग की बात मान ली। स्मिथ ने कहा कि इसमें टीम शामिल थी।

आगे की स्लाइड्स में जानें, कैसे होती है बॉल से छेड़छाड़ और क्यों होती है ये गैरकानूनी...

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं। फोटो में : स्मिथ और डेरेन लेहमन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं। फोटो में : स्मिथ और डेरेन लेहमन
इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग - बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करना। - बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरेचना। - बॉल को ग्राउंड पर घिसना। - बॉल को चूइंग गम या चूइंग के बाद के सलाइवा से चमकाना। इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग - बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करना। - बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरेचना। - बॉल को ग्राउंड पर घिसना। - बॉल को चूइंग गम या चूइंग के बाद के सलाइवा से चमकाना।
क्या कहता है कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेम्परिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वे इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए। क्या कहता है कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेम्परिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वे इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।
क्यों होती है बॉल से छेड़छाड़  - असल में कुछ क्रिकेटर्स गेम को अपने पक्ष में करने के लिए ये गैरकानूनी काम करते हैं। जब बॉल पर किसी आर्टिफिशियल चीज से लगाकर उसे चमकाया जाता है, तो हवा उस चमकीले हिस्से से तेजी से पास होती है और बॉल स्विंग करती है। इससे बॉलर को बहुत फायदा होता है। वहीं कई बार नुकीली चीज से इसे खरोंचा जाता है, जिससे बॉल अच्छी तरह स्पिन करे। क्यों होती है बॉल से छेड़छाड़ - असल में कुछ क्रिकेटर्स गेम को अपने पक्ष में करने के लिए ये गैरकानूनी काम करते हैं। जब बॉल पर किसी आर्टिफिशियल चीज से लगाकर उसे चमकाया जाता है, तो हवा उस चमकीले हिस्से से तेजी से पास होती है और बॉल स्विंग करती है। इससे बॉलर को बहुत फायदा होता है। वहीं कई बार नुकीली चीज से इसे खरोंचा जाता है, जिससे बॉल अच्छी तरह स्पिन करे।
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डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ।डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं। फोटो में : स्मिथ और डेरेन लेहमनइंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियमों के मुताबिक, मैच के दौरान बॉल से किसी भी तरह की छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध माना जाता है, जिसमें प्लेयर पर 100 पर्सेंट मैच फीस का जुर्माना लगता है और चार नेगेटिव प्वाइंट्स भी लगा दिए जाते हैं। इतने नेगेटिव प्वाइंट्स एक प्लेयर को कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए प्रतिबंधित करने के लिए काफी हैं। फोटो में : स्मिथ और डेरेन लेहमन
इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग - बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करना। - बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरेचना। - बॉल को ग्राउंड पर घिसना। - बॉल को चूइंग गम या चूइंग के बाद के सलाइवा से चमकाना।इस तरह से होती है बॉल टेम्परिंग - बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करना। - बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरेचना। - बॉल को ग्राउंड पर घिसना। - बॉल को चूइंग गम या चूइंग के बाद के सलाइवा से चमकाना।
क्या कहता है कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेम्परिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वे इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।क्या कहता है कानून - आईसीसी के अधिनियम 42 के सबसेक्सन 3 में बॉल टेम्परिंग को लेकर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि मैच के दौरान प्लेयर्स बॉल में चमक लाने के लिए या अगर बॉल ओस या किसी कारण गीली हो गई है तो उसे पोछने के लिए तौलिये का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन, अगर वे इसके लिए किसी कृत्रिम पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपराध माना जाएगा। इसके अलावा टॉवल का इस्तेमाल भी अंपायर के देखरेख में होना चाहिए।
क्यों होती है बॉल से छेड़छाड़  - असल में कुछ क्रिकेटर्स गेम को अपने पक्ष में करने के लिए ये गैरकानूनी काम करते हैं। जब बॉल पर किसी आर्टिफिशियल चीज से लगाकर उसे चमकाया जाता है, तो हवा उस चमकीले हिस्से से तेजी से पास होती है और बॉल स्विंग करती है। इससे बॉलर को बहुत फायदा होता है। वहीं कई बार नुकीली चीज से इसे खरोंचा जाता है, जिससे बॉल अच्छी तरह स्पिन करे।क्यों होती है बॉल से छेड़छाड़ - असल में कुछ क्रिकेटर्स गेम को अपने पक्ष में करने के लिए ये गैरकानूनी काम करते हैं। जब बॉल पर किसी आर्टिफिशियल चीज से लगाकर उसे चमकाया जाता है, तो हवा उस चमकीले हिस्से से तेजी से पास होती है और बॉल स्विंग करती है। इससे बॉलर को बहुत फायदा होता है। वहीं कई बार नुकीली चीज से इसे खरोंचा जाता है, जिससे बॉल अच्छी तरह स्पिन करे।
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