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जुलाई में मौत के मुंह में जाने से बचे थे करुण; पूजा के लिए जाते वक्त पलट गई थी बोट, क्रिकेटर को नहीं आता था तैरना

खास बात ये है कि करुण को रेस्क्यू टीम ने बचाया था। करुण ने खुद माना कि उन्हें तैरना नहीं आता।

Danik Bhaskar

Dec 19, 2016, 05:44 PM IST
इसी साल 17 जुलाई को करुण एक नाव में जा रहे थे और वो डूब गई थी। खास बात ये है कि करुण को रेस्क्यू टीम ने बचाया था। इसी साल 17 जुलाई को करुण एक नाव में जा रहे थे और वो डूब गई थी। खास बात ये है कि करुण को रेस्क्यू टीम ने बचाया था।
चेन्नई. इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट की पहली इनिंग में 303 रन बनाकर कई रिकॉर्ड तोड़ चुके करुण नायर असल में टूटे हुए बैट से खेल रहे थे। जब वे 105 के स्कोर पर थे, तब उनका बैट का ऊपरी हिस्सा टूट गया था। लेकिन उन्होंने बैट नहीं बदला। 303 रन की नाबाद पारी के बाद रवि शास्त्री ने उनका एक शॉर्ट इंटरव्यू दिया। इसमें रवि ने करुण से उस घटना के बारे में पूछा जिसे सुनकर वो आज भी कांप जाते हैं। दरअसल, इसी साल 17 जुलाई को करुण एक नाव में जा रहे थे और वो डूब गई थी। करुण को रेस्क्यू टीम ने बचाया था। करुण ने खुद माना कि उन्हें तैरना नहीं आता। मंदिर जाते वक्त हुआ था हादसा....
- 17 जुलाई की सुबह करीब 11.45। करुण एक बड़ी बोट में सवार होकर श्री पार्थसार्थी मंदिर जा रहे थे। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए केरल की पम्पा नदी पार करनी पड़ती है। श्रद्धालू केरल में चलने वाली पारंपरिक बड़ी बोट (snake boat) के सहारे ये नदी पार करते हैं।
- करुण जिस नाव में थे उसमें करीब 100 लोग और भी थे। पार्थसार्थी मंदिर में उस दौरान केरल का त्योहार ‘वल्ला सैद्या’ मनाया जा रहा था। नायर इसी में शामिल होने जा रहे थे।
- बोट धीमे-धीमे आगे बढ़ रही थी। पार्थसार्थी मंदिर के पहले अर्नममुलाला मंदिर पड़ता है। यहीं नाव पलट गई और डूबने लगी।
- चूंकि मंदिर में भारी भीड़ थी। इसलिए रेस्क्यू टीमें भी अलर्ट पर थीं। जैसे ही बोट पलटी। रेस्क्यू टीम चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंची। 98 लोगों को बचा लिया। इनमें करुण भी शामिल थे। हालांकि दो लोगों का पता उस वक्त नहीं लग पाया था।
टूटे बैट से भी कमाल
- नायर 105 पर थे। बेन स्टोक्स की एक शार्टपिच बॉल ने उनके बैट का बाहरी किनारा लिया और विकेट कीपर के ऊपर से बाउंड्री लाइन के बाहर चली गई।
- बॉल तेज भी थी और नई भी। बैट का ऊपरी हिस्सा लगा था। ये टूट गया।
- नायर ओवर खत्म होने के बाद अंपायर के पास पहुंचे और वो टूटा हुआ हिस्सा उन्हें रखने दे दिया। लेकिन बैट नहीं बदला। बाद में इसी बैट से इस यंगस्टर ने नॉट आउट 303 रन बना दिए।
माता-पिता ने क्या कहा?
- करुण की ट्रिपल सेंचुरी के बाद पिता ने कहा- वो ये सोच रहा था कि सेंचुरी बनाउंगा। लेकिन उसने तिहरा शतक लगाया। मां ने कहा- पहले दो मैचों में कामयाबी ना मिलने पर वो बिल्कुल निराश नहीं था। मैंने पहली बार उसे स्टेडियम में खेलते देखा। और मैं उसके लिए लकी रही।
- पिता ने कहा- जब पिछले टेस्ट में वो एलबीडब्ल्यू आउट हुआ तो उसे लगा था कि क्या पता आगे मौका मिलेगा या नहीं। लेकिन जब मिला तो उसने इसे कैश कर लिया।
- मां ने बताया, “उसे चिकन, डोसा और उत्पम पसंद है। हालांकि वो मिठाई का भी बहुत शौकीन है। वो बहुत कूल लड़का है। सेलिब्रेट करना उसे पसंद नहीं है। शतक के बाद भी उसके एक्सप्रेशन नॉर्मल थे।”
ट्रिपल सेन्चुरी के बाद करुण ने क्या कहा?
- करुण ने कहा, “100 के बाद मैं नॉर्मल था और फ्री होकर खेल रहा था। मेरा खेल नहीं बदला, सिर्फ एप्रोच चेंज हुई। क्योंकि टेस्ट में अलग तरीके से खेलना पड़ता है। मैं शाईनिंग जैसे शब्दों में यकीन नहीं रखता। हो सकता है ये मेरी किस्मत में है।”
करुण के टूटे हुए बैट का हिस्सा उनके राइट ग्लव के पास देखा जा सकता है। करुण के टूटे हुए बैट का हिस्सा उनके राइट ग्लव के पास देखा जा सकता है।
करुण जिस नाव में थे उसमें करीब 100 लोग और भी थे। पार्थसार्थी मंदिर में उस दौरान केरल का त्योहार ‘वल्ला सैद्या’ मनाया जा रहा था। नायर इसी में शामिल होने जा रहे थे... देखें वीडियो। करुण जिस नाव में थे उसमें करीब 100 लोग और भी थे। पार्थसार्थी मंदिर में उस दौरान केरल का त्योहार ‘वल्ला सैद्या’ मनाया जा रहा था। नायर इसी में शामिल होने जा रहे थे... देखें वीडियो।
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