साउथ कोरिया में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय शूटर अभिनव बिंद्रा ने दो ब्रॉन्ज मेडल हासिल करके मंगलवार को अपने शूटिंग करियर का समापन किया। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में रवि कुमार और संजीव राजपूत के साथ मिलकर यह मेडल जीता। इसके अलावा, एकल मुकाबले में भी उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। एकल मुकाबलों में भारत को एकमात्र ओलिंपिक गोल्ड दिलाने वाले बिंद्रा ने सोमवार को एलान किया था कि वह एशियाड के बाद प्रोफेशनल शूटिंग से संन्यास ले लेंगे। बिंद्रा पिछले
एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। हालांकि, एशियन गेम्स में उनका सोना जीतने का सपना अधूरा रह गया।
अब शादी करेंगे बिंद्रा
अभिनव बिंद्रा के साइंस टीचर रहे और दो दशकों से उनके मेंटल ट्रेनर डॉक्टर अमित भट्टाचार्य का कहना है कि बिंद्रा पहले रियो डि जेनेरियो में होने वाले ओलिंपिक में हिस्सा लेने का विचार कर रहे थे, लेकिन काफी सोचने के बाद आखिरकार संन्यास लेने का फैसला किया। चंडीगढ़ के पीजीआई में रिसर्च ऑफिसर अमित के मुताबिक, बिंद्रा के परिवार की इच्छा है कि वह अब शादी कर लें और फैमिली लाइफ प्लान करें। बिंद्रा का परिवार उनकी शादी की योजना बना रहा है। बकौल अमित, बिंद्रा चाहते हैं कि अब वह पिता के बिजनेस में मदद करें। शूटिंग पूर्ण समर्पण मांगती है और बिंद्रा पिछले कई सालों से रोजाना 13-14 घंटे प्रैक्टिस कर रहे थे। इतनी प्रैक्टिस के बिना शूटिंग में बने रहना संभव नहीं था, इसलिए यह फैसला लिया गया।
बिंद्रा से जुड़े फैक्ट्स
> अभिनव बिंद्रा पंजाब राज्य से हैं।
> अभिनव बिंद्रा ने 15 साल की उम्र से निशानेबाजी करना प्रारंभ किया था।
> 2000 में अभिनव सिडनी ओलिंपिक के सबसे युवा निशानेबाज बने थे, लेकिन अनुभव के लिहाज से यह उनका पहला ओलिंपिक था।
> 2001 के म्यूनिख कप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसी साल मैनचेस्टर में वे 10 मीटर एयर राइफल का स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे।
> 2004 में एथेंस ओलिंपिक में अभिनव ने रिकॉर्ड तो कायम किया, लेकिन पदक जीतने से चूक गए।
> 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में बिंद्रा का निशाना सीधे सोने पर लगा।
> 2014 राष्ट्रमण्डल खेल में अभिनव ने स्वर्ण पदक जीता।
> अभिनव बिंद्रा को सन 2009 में भारत सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
स्क्वैश में सौरभ घोषाल ने जीता रजत
भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी सौरभ घोषाल 17वें एशियाई खेलों में यहां मंगलवार को पुरुष एकल के फाइनल में कुवैत के अब्दुल्लाह अल मुजायेन से 2-3 से नजदीकी मुकाबले में हार के साथ ही स्वर्ण पदक से चूक गए। उन्होंने इस स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारत का एशियाई खेलों में यह पहला रजत पदक है। भारत ने अब तक कुल नौ पदक जीते है, जिसमें से एक स्वर्ण, एक रजत और 7 कांस्य पदक है। स्क्वैश में दीपिका पल्लीकल ने भी महिला एकल स्पर्धा में देश के लिए कांसा जीता था।
कड़ी टक्कर के बाद हारे
टॉप सीड भारतीय खिलाड़ी घोषाल को एकल फाइनल में कुवैत के अब्दुल्लाह अल मुजायेन से 65 मिनट तक चले क डे मुकाबले में 12-19, 11-2, 12-14, 8-11, 9-11 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर पहले ही रजत पदक पक्का कर दिया था। घोषाल एशियाई खेलों की स्क्वैश प्रतियोगिता के पुरुष एकल में रजत पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी है।