- बीसीसीआई ने अपने फैसले में कहा है कि रऊफ ने एंटी करप्शन कोड 2.2.2, 2.3.2, 2.3.3 और 2.4.1 को फॉलो नहीं किया। इसलिए उन पर पांच साल का बैन लगाया गया।
- बता दें कि इसी मामले में अजीत चंदीला को करप्शन और बदसलूकी का दोषी पाया गया था। उन पर बीसीसीआई ने लाइफटाइम बैन लगाया।
- हिकेन शाह को भी एंटी करप्शन कोड फॉलो न करने का दोषी पाया गया है। उन पर पांच साल का बैन लगाया गया है। श्रीसंथ भी फिक्सिंग के आरोपी हैं।
क्या था रऊफ का जवाब?
- रऊफ सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने जवाब भेजा था। वे जांच के तरीके से खुश नहीं थे।
- रऊफ ने खुद को बेगुनाह बताया था। उसके बाद वे कभी भारत दौरे पर नहीं आए।
- उनकी मांग को डिसिप्लिनरी कमेटी ने खारिज करते हुए लिखित बयान देने के लिए आखिरी मौका दिया था।
- उन्हें 9 फरवरी, 2016 तक सभी डॉक्युमेंट्स फाइल करने थे।
ये है पूरा मामला
- आईपीएल सीजन 6 के दौरान दिल्ली पुलिस ने मुंबई से क्रिकेटर एस. श्रीसंथ सहित राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया।
- पुलिस के मुताबिक, 2013 में मुंबई में राजस्थान रॉयल्स v मुंबई इंडियंस, 5 मई को जयपुर में हुए राजस्थान रॉयल्स vs पुणे वॉरियर्स, और 9 मई को मोहाली में हुए राजस्थान रॉयल्स v किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैचों में स्पॉट फिक्सिंग हुई थी।
- वहीं, आईपीएल-8 में शाह ने अपनी टीम के एक खिलाड़ी (जो आईपीएल भी खेलता है) से फिक्सिंग के लिए कॉन्टैक्ट किया था। उस खिलाड़ी ने इसकी जानकारी अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी को दी थी।
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