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IPL स्पॉट फिक्सिंग: धोनी पर गहराया शक

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो: आईपीएल मैचों के दौरान धोनी और मयप्पन।
मुंबई: आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुख्य संदिग्ध गुरुनाथ मयप्पन टीम इंडिया और आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के होटल के कमरे में रोज जाते थे। मामले की जांच कर रही मुद्गल कमिटी कि रिपोर्ट में जिस ‘Individual No 2’ का जिक्र है, वह कोई और नहीं, बल्कि कप्तान धोनी हैं। यह दावा अंग्रेजी अखबार डीएनए ने किया है। बता दें कि 5000 पन्नों की मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। सिर्फ जस्टिस मुद्गल द्वारा तैयार 29 पेज की सिनॉप्सिस संबंधित लोगों को दी गई है। इसमें क्रिकेटरों के नाम का जिक्र नंबर से है।
अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, जस्टिस मुकुल मुद्गल की ओर से अप्वाइंट किए गए जांचकर्ता बीबी मिश्रा की चार महीने लंबी चली जांच की रिपोर्ट में पता चला है कि ‘Individual No 2’ के कमरे में सीधी पहुंच रखने वाला कोई एक शख्स था, तो वे थे गुरुनाथ मयप्पन। धोनी बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट की पाबंदियों की वजह से हर रोज सभी से उस होटल के बिजनेस सेंटर में मिलते थे, जहां टीम ठहरी होती थी। हालांकि, जांचकर्ताओं ने पाया कि मयप्पन धोनी के कमरे तक सीधी पहुंच रखते थे। वह रोजाना, यहां तक कि आईपीएल 6 के मैचों के दौरान भी धोनी से सीधे संपर्क में होते थे।
होटल स्टाफ से पूछताछ में हुआ खुलासा
कई टीम अधिकारी, खिलाड़ी और होटल स्टाफ से पूछताछ के बाद जांचकर्ता इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। मयप्पन की धोनी के कमरे तक सीधी पहुंच सिर्फ इस वजह से थी, क्योंकि उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक के तौर पर सभी से मिलाया गया था।
कोर्ट में दी थी अजीबोगरीब दलील
सुप्रीम कोर्ट में आईपीएल फिक्सिंग मामले में चल रही सुनवाई में बीसीसीआई के निर्वाचित प्रमुख और मयप्पन के रिश्तेदार एन श्रीनिवासन के वकील ने दलील दी थी कि मयप्पन को सट्‌टेबाजी में बड़ा नुकसान हुआ है। वकील के मुताबिक, अगर मयप्पन के पास अंदर की खबर होती तो उन्हें नुकसान नहीं होता। लेकिन मुदगल कमिटी के लिए जांच करने वाले मिश्रा की रिपोर्ट में पता चला है कि धोनी और मयप्पन रोजाना दो से तीन बार मिलते थे। मुद्गल कमिटी ने भले ही यह पाया हो कि मयप्पन वास्तव में सीएसके के अधिकारी थे और सट्‌टेबाजी में शामिल थे, श्रीनिवासन और टीम सीएसके ने जोर देकर कहा था कि मयप्पन का टीम के मामलों से कोई मतलब नहीं है और उन्हें टीम स्ट्रैटिजी की कोई जानकारी नहीं है।