फाइल फोटो: एन. श्रीनिवासन।
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। उन्हें तीन ऑप्शन सुझाते हुए खुद का बचाव करने का मौका दिया है, लेकिन इन ऑप्शंस को अपनाने पर श्रीनिवासन का दोबारा से बीसीसीआई अध्यक्ष बनने का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। इसके अलावा, उन्हें फिक्सिंग के आरोपियों में से एक अपने दामाद मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई भी करनी पड़ेगी।
बोर्ड तय करे सजा और सजा की अवधि
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफ एम आई कलीफुल्ला की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा, "हम मयप्पन के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। उनके खिलाफ सजा का निर्णय कैसे किया जाए और अवधि क्या हो, यह बोर्ड तय करे। हम बीसीसीआई के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं।" उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि वह बीसीसीआई की कार्य पद्धति में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं और इसके लिए बोर्ड को तीन विकल्प सुझाए हैं।
ये हैं तीन ऑप्शन
> पहला ऑप्शन : अगर आप चाहते हैं कि आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो, तो बीसीसीआई चुनाव से खुद को अलग कर लीजिए और बीसीसीआई की बॉडी का चुनाव भी नए सिर से कीजिए।
> दूसरा ऑप्शन : कोर्ट ने कहा कि मुद्गल समिति की रिपोर्ट में उजागर नामों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग समिति का गठन करें।
> तीसरा ऑप्शन : कोर्ट ने श्रीनिवासन से कहा, "आप चाहें तो बीसीसीआई गवर्निंग काउंसिल भी मामले में कार्रवाई कर सकती है या फिर मुद्गल समिति खुद मामले में एक्शन ले।"
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