खेल डेस्क. सपनों की मंजिल
इंडियन प्रीमियर लीग के 7वें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी आगामी 12 फरवरी को आयोजित होगी। एक बार फिर दुनियाभर के युवा टैलेंटेड क्रिकेटरों को लेकर बिजनेस और ग्लैमर वर्ल्ड के टायकून खींचतान करेंगे। अच्छे खिलाड़ी के लिए बड़ी से बड़ी बोली लगाई जाएगी। जिसे ऊंची कीमत मिलेगी, वह पलभर में हथौड़े की ठाप से लखपति या करोड़पति बन जाएगा।
भारत के छोटे-छोटे शहरों में रहनेवाले उभरते खिलाड़ी इस नीलामी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनके अच्छे प्रदर्शन को एक बार नेशनल सिलेक्टर्स भले ही दरकिनार कर दें, लेकिन
आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिकों की पारखी नजरें नहीं चूकतीं। वे चुन लेती हैं धूल में से सोना, कोयले में से हीरा। लेकिन क्या यह परिकथा हमेशा हसीन होती है?
रविंद्र जडेजा और यूसुफ पठान जैसे खिलाड़ियों को देखें तो शायद हां, लेकिन एक उदाहरण ऐसा भी है जो इस चमक के पीछे छुपे कड़वे सच को उजागर कर देता है।
IPL-7 ऑक्शन सीरीज के अंतर्गत आज हम आपको एक ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ी की कहानी बता रहे हैं, जिसने इस टूर्नामेंट के जरिए फर्श से अर्श तक का सफर तो तय किया, लेकिन जल्द ही वह धड़ाम से जमीन पर आ गिरा।
आगे क्लिक कर जानिए, आईपीएल के ग्लैमर के पीछे छुपे इस कड़वे सच की दास्तां...