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दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्पोर्टिंग इवेंट, -20 डिग्री में 92 देशों के 2952 खिलाड़ी करेंगे मुकाबला

ये खेल दक्षिण कोरिया के प्योंगचेंग में होंगे, जहां इस समय माइनस 10-20 डिग्री तक तापमान रह रहा है।

Danik Bhaskar | Feb 07, 2018, 10:19 AM IST
अमेरिका की टीम मंगलवार को प्योंगचेंग पहुंचीं। मेजबान कलाकारों ने टीम का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। अमेरिका की टीम मंगलवार को प्योंगचेंग पहुंचीं। मेजबान कलाकारों ने टीम का पारंपरिक रूप से स्वागत किया।

प्योंगचेंग. दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्पोर्टिंग इवेंट 'विंटर ओलिंपिक गेम्स' शुक्रवार से साउथ कोरिया के प्योंगचेंग में शुरू हो रहे हैं। इनमें 92 देशों के 2952 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 7 खेलों के 15 इवेंट में 102 गोल्ड के लिए दाव लगाएंगे। प्योंगचेंग में इस समय माइनस 10-20 डिग्री तक टेम्परेचर बना हुआ है। यह 1994 के बाद सबसे ठंडा विंटर ओलिंपिक भी होगा। 1994 में नॉर्वे के लिलीहैमर में हुए विंटर ओलिंपिक में पारा माइनस 25 डिग्री तक गिर गया था।

बर्फीले इलाके में जीने की कला का जश्न है विंटर ओलिंपिक

- ज्यादातर खेल उन स्किल्स के टेस्ट हैं जो हमने हजारों साल के दौरान अस्तित्व बनाए रखने के लिए सीखे हैं। रनिंग, जंपिंग, स्वीमिंग इंसानी जरूरत रही हैं। इनका जश्न हम समर ओलिंपिक में मनाते हैं। विंटर ओलिंपिक में उन स्किल्स की परीक्षा होती है जो इंसानो ने बर्फीले इलाके में खुद को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए सीखे हैं।

विंटर गेम्स में भारत

अब तक 14 खिलाड़ियों ने लिया है हिस्सा, पर मेडल एक भी नहीं भारत ने अब तक 9 विंटर ओलिंपिक में हिस्सा लिया है। हालांकि, उसे कभी पदक नहीं मिला। इन नौ विंटर गेम्स में कुल 14 भारतीय खिलाड़ी उतरे। जेरेमी बुजाकोवस्की ऐसा करने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1964 में ऑस्ट्रिया में हुए विंटर गेम्स में अल्पाइन स्कीइंग में हिस्सा लिया था। शिवा केशवन के नाम सबसे अधिक 5 विंटर गेम्स खेलने का भारतीय रिकॉर्ड है। वे लगातार छठेविंटर गेम्स में हिस्सा लेंगे। इस बार उनके साथ जगदीश सिंह भी होंगे।

भारत के विंटर ओलिंपियन

जेरेमी बुजाकोवस्की (1964, 68), गुल देव और किशोर राय (1988), शैलजा कुमार (1988), नानक चंद और लाल चुनी (1992), शिवा केशवन (1998, 2002, 06, 10, 14), बहादुर गुप्ता (2006), नेहा आहूजा और हीरा लाल (2006), जमयांग नमगियाल (2010), ताशी लुनडुप (2010), हिमांशु ठाकुर (2014), नदीम इकबाल (2014)।

12 साल बाद बतौर एक टीम उतरेंगे उत्तर और दक्षिण कोरिया

- 2006 में अंतिम बार बतौर एक टीम उतरे थे कोरियाई देश। इस बार आइस हॉकी में साथ खेलेंगे।

- 329 मेडल जीते हैं नार्वे ने विंटर ओलिंपिक में अब तक। सबसे अिधक। रूस 319 मेडल के साथ ओवरऑल दूसरे नंबर पर है

- 8 मेडल जीते हैं नॉर्वे के ओले बोर्नडालेन ने। विंटर गेम्स में सबसे अधिक मेडल का रिकॉर्ड।

- 10 या इससे अधिक मेडल 5 खिलाड़ियों ने जीते हैं विंटर ओलिंपिक में। इनमें से तीन नॉर्वे और एक-एक रूस और इटली के खिलाड़ी हैं।

- 6 मेडल जीते हैं नाॅर्वे की मारित बोर्जेन ने। वे विंटर गेम्स में सर्वाधिक मेडल जीतने वाली महिला हैं।

स्कीइंग: 10 हजार साल से कर रहे, 51 गोल्ड दाव पर स्कीइंग: 10 हजार साल से कर रहे, 51 गोल्ड दाव पर

चीन में दीवारों पर करीब 10 हजार साल पुरानी पेंटिंग से स्कीइंग के साक्ष्य मिलते हैं। मुमकिन है कि इंसानों ने इसे और भी पहले सीख लिया हो। स्कीइंग यानी, स्की स्टिक और बाइंडिग के सहारे बर्फ पर तेज गति से मूवमेंट का अच्छा साधन।

 

इवेंट गोल्ड 
अल्पाइन स्कीइंग 11
क्रॉस कंट्री स्कीइंग 12
फ्री स्टाइल स्कीइंग 10
स्की जंपिंग 4
बायथलॉन 11
नॉर्डिक कंबाइंड 3

 


 

 

 

 

 

 

स्केटिंग: 5 हजार साल पुराना इतिहास, 27 गोल्ड स्केटिंग: 5 हजार साल पुराना इतिहास, 27 गोल्ड

आर्कियोलॉजिकल दस्तावेजों के मुताबिक आइस स्केटिंग के पांच हजार साल पुराने साक्ष्य मौजूद हैं। पहले हडि्डयों से बने स्केट्स का इस्तेमाल होता था। सबसे पहले इसका इस्तेमाल बर्फीले इलाकों में कम दूरी के सफर के लिए शुरू हुआ था।

 

 

इवेंट

फगर स्केटिंग 5 गोल्ड
शॉर्ट ट्रैक 8 गोल्ड
स्पीड स्केटिंग 14 गोल्ड

  

स्लेजिंग: 8 हजार साल से काम में, 9 मेडल दाव पर। स्लेजिंग: 8 हजार साल से काम में, 9 मेडल दाव पर।

बर्फीले इलाके में पहिए वाले वाहन काम में नहीं आते। इसलिए विकल्प के तौर पर स्लाइड करने वाली चीजें बनाई गई। इन्हें स्लेज या स्लेड कहते हैं। इनका इस्तेमाल यातायात और सामान ढोने दोनों के लिए होता था। इनसे प्रेरित कई इवेंट विंटर ओलिंपिक में शामिल। 

 

 

इवेंट

ल्यूज 4 गोल्ड
बॉबस्लेज 3 गोल्ड

  

पहले विंटर ओेलिंपिक में नॉर्वे की स्कीइंग टीम। पहले विंटर ओेलिंपिक में नॉर्वे की स्कीइंग टीम।