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नवजोत कौर ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला

28 साल की नवजोत सीनियर एशियन रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

Danik Bhaskar | Mar 03, 2018, 11:36 PM IST
जीत के बाद नवजाेत को कोच ने कंधे पर उठा लिया। जीत के बाद नवजाेत को कोच ने कंधे पर उठा लिया।

बिश्केक(किर्गिस्तान). भारत की नवजोत कौर ने एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 28 साल की नवजोत सीनियर एशियन रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। उन्होंने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में जापान की मिया इमाई को 9-1 से हराया। नवजोत टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज के पहले मैच में इसी जापानी पहलवान से हार गई थीं। यह भारत का चैंपियनशिप में पहला गोल्ड भी है। वहीं, रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक को ब्रॉन्ज मेडल मिला। भारत के टूर्नामेंट में 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल हो गए हैं।

काउंटर अटैक कर जीता मैच

- 65 किग्रा के फाइनल मुकाबले में जापान की पहलवान ने शुरुआत में आक्रामक रुख दिखाया। नवजोत ने शानदार डिफेंस कर उन्हें अंक नहीं बनाने दिए। फिर नवजोत ने काउंटर अटैक कर 2-0 की बढ़त बना ली। पहला हाफ खत्म होने में 20 सेकंड बाकी थे। इमाई ने नवजोत का पैर पकड़ लिया। नवजोत ने डिफेंस की रणनीति अपनाई और 3 अंक बना लिए। पहला हाफ खत्म होने तक स्कोर 5-0 से भारतीय पहलवान के पक्ष में था। दूसरे हाफ की शुरुआत में इमाई ने एक अंक बना लिया। नवजोत ने काउंटर अटैक कर 4 अंक हासिल किए और मैच 9-1 से जीत लिया।

- नवजोत के मुताबिक, "पिछली बार मुझ पर बहुत दबाव था। इस बार फैसला किया कि दबाव को हावी नहीं होने देना है। हर मैच में अपना नेचुरल गेम खेलना है। मुझे खुद को साबित करना होगा। इसी रणनीति के साथ उतरी और गोल्ड जीता।"

नवजोत ने पिछली बार जीता था सिल्वर

नवजोत ने 2013 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। वे कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भी हैं। उन्होंने 2011 में एशियन रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। नवजोत ने एशियन जूनियर में पहली ही बार में गोल्ड जीता था।

साक्षी मलिक ने पिछड़ने के बाद वापसी की

साक्षी ने 62 किग्रा फ्रीस्टाइल के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कजाकिस्तान की अयुलिम कसिमोवा को 10-7 से चित किया। साक्षी शुरुआत के 30 सेकंड में 0-4 से पिछड़ गईं थीं। इसके बाद उन्होंने अपने डिफेंस को अटैक में बदलते हुए मैच जीता।

बजरंग पूनिया और विनोद ओमप्रकाश ने जीते ब्रॉन्ज मेडल

बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा और विनोद ओमप्रकाश ने 70 किग्रा में ब्रॉन्ज जीते। बजरंग क्वार्टर फाइनल में जापान के देइची ताकातानी से 5-7 से हार गए। ताकातानी के फाइनल में पहुंचने के कारण बजरंग को रेपेचेज में उतरने का मौका मिला, जहां उन्होंने ताजिकिस्तान के फेजिव को 12-2 से हराया। कांस्य के लिए बजरंग ने ईरान के यूनुस को 10-4 से हराया। विनोद को क्वार्टर फाइनल में नवरुजोव से 3-6 से हार का सामना करना पड़ा। नवरुजोव के फाइनल में पहुंचने से विनोद को कांस्य पदक के लिए उतरने का मौका मिला जहां उन्होंने एलमैन डोगडुर्बेक को हराया।

नवजोत ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल का फाइनल जापान की मिया इमाई को 9-1 से हराकर जीता। नवजोत ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल का फाइनल जापान की मिया इमाई को 9-1 से हराकर जीता।
नवजोत कौर ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास।  - फाइल नवजोत कौर ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास। - फाइल