खेल डेस्क. भारत के 13 बॉक्सर एशियन गेम्स में मुक्के बरसाने को तैयार हैं। दांव पर 13 गोल्ड मेडल हैं। भारत ने पिछले गेम्स में 9 पदक जीते थे। इस बार 10 पदक की उम्मीद की जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो गेम्स के बॉक्सिंग इतिहास में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। भारतीय बॉक्सिंग टीम में हरियाणा की इनकम टैक्स इंस्पेक्टर पूजा रानी भी शामिल हैं। वे इंचियोन से गोल्ड जीतकर लाने का लक्ष्य लेकर अभ्यास में जुटी हैं।
भारतीय मुक्केबाज एशियन गेम्स में नया इतिहास रचें इसके लिए जरूरी है कि वर्तमान टीम अपना फॉर्म सुधार ले। स्टार बॉक्सर एमसी मैरीकॉम पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल ही जीत सकी थीं। वे इस बार पदक का रंग बदलने का भरोसा जता रही हैं। पांच विश्व चैंपियनशिप और चार एशियन वुमन बॉक्सिंग चैंपियनशिप पहले से उनके नाम हैं। यकीनन, उन पर सभी की निगाहें रहेंगी।
चोटें छुपाकर बॉक्सर बनी हरियाणा की पूजा
इंचियोन में भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हरियाणा की पूजा रानी ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है। उनके घरवालों को उनका बॉक्सिंग करना कतई पसंद नहीं था। वे अपने मां-पापा से अपनी चोट छुपाकर बॉक्सिंग का अभ्यास करती थीं। उनके पिता उन्हें अक्सर कहते - 'अच्छे बच्चे बॉक्सिंग नहीं खेलते।' पूजा को उनके पापा का डर सताता था कि कहीं वे उन्हें बॉक्सिंग में करियर बनाने से रोक न लें। जब 2009 में हुए नेशनल यूथ बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में पूजा ने सिल्वर मेडल जीता, तो उनके परिवार का नजरिया बदल गया।
पूजा अब हरियाणा सरकार में इनकम इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हैं। वे 2012 की एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित अराफुरा गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का है।
उज्बेक-कजाक बड़ी चुनौती
एशियन बॉक्सिंग में उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान बड़ी ताकत हैं। घरेलू रिंग में कोरियाई बॉक्सर भी चुनौती साबित होंगे। चीन ने भी बड़ी तरक्की की है। पिछले गेम्स में तो उसने सबसे अधिक पांच गोल्ड जीते थे। भारतीय बॉक्सरों को यदि पिछला प्रदर्शन दोहराना है तो उन्हें अपनी फॉर्म सुधारनी होगी। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में हमें सिर्फ पांच पदक (चार रजत, एक कांस्य) मिले।
एशियन गेम्स में तो स्टार बॉक्सर विजेंदर भी साथ नहीं होंगे। यानी, चुनौती कठिन है।
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