नई दिल्ली. देश के पहले व्यक्तिगत ओलिंपिक स्वर्ण विजेता खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा ने इंचियोन
एशियाई खेलों के बाद पेशेवर निशानेबाजी से संन्यास की घोषणा की है। 41 साल के बिंद्रा इंचियोन में अपनी पसंदीदा 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में उतरेंगे और यह उनका आखिरी प्रोफेशनल टूर्नामेंट होगा।
उन्होंने माइक्रो ब्लागिंग साइट टि्वटर पर लिखा, "प्रोफेशनल शूटर के तौर पर कल (बुधवार) को मेरा आखिरी दिन होगा। इसके बाद मैं शौकिया तौर पर जरूर सप्ताह में दो दिन शूटिंग करूंगा।" उन्होंने अपनी बात में जोड़ते हुए लिखा, "मैं रियो (ओलिंपिक-2016) के लिए ट्राई करूंगा। मुझे उम्मीद है वहां मैं देश के लिए एकबार फिर कुछ बेहतर कर सकता हूं।"
बिंद्रा से जुड़े फैक्ट्स
> अभिनव बिंद्रा पंजाब राज्य से हैं।
> अभिनव बिंद्रा ने 15 साल की उम्र से निशानेबाजी करना प्रारंभ किया था।
> 2000 में अभिनव सिडनी ओलिंपिक के सबसे युवा निशानेबाज बने थे, लेकिन अनुभव के लिहाज से यह उनका पहला ओलिंपिक था।
> 2001 के म्यूनिख कप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसी साल मैनचेस्टर में वे 10 मीटर एयर राइफल का स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे।
> 2004 में एथेंस ओलिंपिक में अभिनव ने रिकॉर्ड तो कायम किया, लेकिन पदक जीतने से चूक गए।
> 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में बिंद्रा का निशाना सीधे सोने के पदक पर लगा।
> 2014 राष्ट्रमण्डल खेल में अभिनव ने स्वर्ण पदक जीता।
> अभिनव बिंद्रा को सन 2009 में भारत सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।