--Advertisement--

एक्सीडेंट में टूटी थी 17 हड्डियां, 11 महीने बाद की वापसी और जीत लिया मेडल

मार्च 2017 में स्नोबोर्डिंग के दौरान मैक्मोरिस एक पेड़ से टकरा गए थे। एक्सीडेंट के बाद वे अंदर से टूट गए थे।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 12:46 PM IST
कनाडा के स्नोबोर्डर मार्क मैक्मोरिस ने साउथ कोरिया में हो रहे विंटर ओलिंपिक में ब्रोंज मेडल जीत लिया। 11 महीने पहले उनका खतरनाक एक्सीडेंट हो गया था। कनाडा के स्नोबोर्डर मार्क मैक्मोरिस ने साउथ कोरिया में हो रहे विंटर ओलिंपिक में ब्रोंज मेडल जीत लिया। 11 महीने पहले उनका खतरनाक एक्सीडेंट हो गया था।

स्पोर्ट्स डेस्क. अगर किसी एक्सीडेंट में एक शख्स की 17 हड्डियां टूट जाए और फेफड़े भी खराब हो जाएं यहां तक कि वो कोमा में भी चला जाए। ऐसे में क्या सोचा जा सकता है कि वो कुछ ही महीनों में दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो जाएगा। ये आसान नहीं लगता लेकिन कनाडा के एक एथलीट (स्नोबोर्डर) मार्क मैक्मोरिस ने ऐसा कर दिखाया है। मार्क ने ये कमाल साउथ कोरिया के प्योंगचेंग में चल रहे विंटर ओलिंपिक में किया। जहां उन्होंने ब्रोंज मैडल जीता। इतना खतरनाक था एक्सीडेंट...

- 11 महीने पहले स्नोबोर्डिंग के दौरान मार्क का खतरनाक एक्सीडेंट हो गया था। जिसके बाद उनकी 17 हड्डियां टूट गईं, फेफड़े भी दिक्कत करने लगे और वो कोमा में चले गए।
- मार्च 2017 में स्नोबोर्डिंग के दौरान मैक्मोरिस एक पेड़ से टकरा गए थे। एक्सीडेंट के बाद 24 साल के मार्क अंदर से टूट से गए थे।

- इसके बाद अगले कई महीने उन्होंने खुद को ठीक करने में लगाए। एक्सीडेंट से ठीक होने के बाद मैक ने सोशल मीडिया पर लिखा था, अब मैं धरती पर हर दिन को कृपा की तरह लेता हूं।
- मैक्मोरिस ने नवंबर में बीजिंग में हुए इवेंट में बिग एयर वर्ल्ड कप जीता था, इसके एक महीने बाद ही उन्होंने विंटर एक्स गेम्स में ब्रोंज मेडल जीता था। अब वे प्येंगचेंग में मेडल जीतने पर चर्चा में हैं।

एक्सीडेंट के बाद मार्क की 17 हड्डियां टूट गई थीं, और फेफड़े में भी दिक्कत आ गई थी। वे कुछ दिन के लिए कोमा में चले गए थे। एक्सीडेंट के बाद मार्क की 17 हड्डियां टूट गई थीं, और फेफड़े में भी दिक्कत आ गई थी। वे कुछ दिन के लिए कोमा में चले गए थे।
मार्च 2017 में स्नोबोर्डिंग के दौरान मैक्मोरिस एक पेड़ से टकरा गए थे। मार्च 2017 में स्नोबोर्डिंग के दौरान मैक्मोरिस एक पेड़ से टकरा गए थे।