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कभी पानी में सिर डालने से भी लगता था डर, आज हैं दुनिया का बेस्ट स्विमर

सिडनी ओलिंपिक में फेल्प्स ने एक भी मेडल नहीं जीता, लेकिन फिर भी हार नहीं मानी और अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।

Danik Bhaskar | Mar 18, 2018, 06:08 PM IST

स्पोर्ट्स डेस्क. माइकल फेल्प्स दुनिया के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी का आधा हिस्सा ओलिंपिक्स खेलकर बिताया है। इस दौरान फेल्प्स ने अपने से आधी उम्र के खिलाड़ियों को भी हराया है। यही वजह है कि इन्हें स्विमिंग का बादशाह और ओलिंपिक का अब तक का सबसे ग्रेट एथलीट माना जाता है। फेल्प्स के नाम कुल 83 मेडल्स हैं, जिनमें से 28 उन्होंने ओलिंपिक में जीते हैं। इन 28 मेडल्स में से 23 तो गोल्ड मेडल हैं। बचपन में लगता था पानी से डर...

- माइकल फेल्प्स का जन्म 30 जून 1985 को अमेरिका के बाल्टीमोर में हुआ था। उनके माता-पिता ने केवल 7 साल की उम्र में ही उन्हें स्विमिंग क्लासेस भेजना शुरू कर दिया था।
- उनका मकसद तो केवल उन्हें तैरना सिखाना था। लेकिन देखते ही देखते फेल्प्स को स्विमिंग का जैसे जुनून सवार हो गया और उन्होंने इसी खेल में करियर बनाने का फैसला किया।

- 6वीं कक्षा में थे जब पता चला कि एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) है। इसमें पानी से डर लगता है।

- प्रैक्टिस के दम पर उन्होंने केवल 10 साल की उम्र में खुद को इतना ट्रेन कर लिया कि अपने एज ग्रुप के लगभग सभी नेशनल रिकॉर्ड्स तोड़ दिए।
- उन्होंने सिर्फ 15 साल की उम्र में ही 2000 समर ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया था। वे पिछले 68 साल के रिकॉर्ड्स तोड़ते हुए ओलिंपिक में क्वालिफाई करने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष बने। हालांकि इस ओलिंपिक में उन्होंने एक भी मेडल नहीं जीता, लेकिन फिर भी हार नहीं मानी और अपनी प्रैक्टिस जारी रखी।

आगे की स्लाइड्स में जानें, उनकी लाइफ से जुड़े खास फैक्ट्स...

2004 से हुई जीत की शुरुआत

 

- 2004 के समर ओलिंपिक से उन्होंने जीतने की शुरुआत की। कुल 6 गोल्ड और 2 ब्रॉन्ज, यानि कुल 8 मेडल अपने नाम कर बहुत से पुराने रिकॉर्ड्स तोड़ दिए।
- इसी ओलिंपिक के एक मुकाबले में वे अपने बचपन के हीरो इयान थोर्प के साथ भी मुकाबला कर रहे थे। जब मीडिया वालों ने इयान थोर्प से पूछा कि क्या उन्हें इस ओलिंपिक के रिकॉर्ड्स को देखते हुए ऐसा लगता है कि फेल्प्स अगले ओलिंपिक में सभी गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच सकते हैं? तो थोर्प का जवाब था कि ये असंभव है, फेल्प्स ऐसा नहीं कर पाएंगे। जब ये बात फेल्प्स तक पहुंची तो उन्होंने ठान लिया कि वे अगले ओलिंपिक में सभी गोल्ड मेडल जीतेंगे। 
- अब उन्होंने अपनी प्रैक्टिस का समय बढ़ा दिया था। वे छुट्टियों में भी प्रैक्टिस में जुटे रहते। 

 

 

ओलिंपिक से पहले हो गया फ्रैक्चर

 

- 2008 ओलिंपिक के ठीक दो साल पहले उनके दाहिने हाथ की कलाई फ्रैक्चर हो गई। तब डॉक्टर्स ने यह कह दिया था कि अब वे अपने हाथ का इस्तेमाल उस रफ्तार से नहीं कर सकेंगे जैसे कि पहले किया करते थे। यह बात फेल्प्स को परेशान कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 
- अब फेल्प्स पहले से दोगुनी प्रैक्टिस करने लगे। फेल्प्स ने अपने हाथों पर कम और पैरों पर ज्यादा ध्यान दिया।
- उन्होंने खुद को इस तरह तैयार कर लिया था कि 2008 ओलिंपिक में सभी रिकॉर्ड्स तोड़ते हुए स्विमिंग के सभी फॉर्मेट्स जीतकर इतिहास रच दें। उन्होंने ऐसा किया भी। 
- फेल्प्स ने 2008 ओलिंपिक में मार्क स्पिट्ज के 7 गोल्ड मेडल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुल 8 गोल्ड अपने नाम कर लिए। इसके बाद भी फेल्प्स शांत नहीं बैठे और 2012 ओलिंपिक में भी उन्होंने 4 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। 

 

 

फिर अचानक लिया रिटायरमेंट का फैसला

 

- 2012 ओलिंपिक के बाद उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला लिया। लेकिन वे अपने जीवन में स्विमिंग को इतना समय दे चुके थे कि अब बिना इस खेल के रह नहीं पा रहे थे। इसलिए 2014 में उन्होंने रिटायरमेंट वापस ले लिया।
- अगले 2 सालों की कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने 2016 रियो ओलिंपिक में हिस्सा लिया और यहां भी 5 गोल्ड मेडल अपने नाम किए। 
- उन्होंने अपने आखिरी 4 ओलिंपिक में कुल 23 मेडल जीतकर, किसी भी खेल में सबसे ज्यादा गोल्ड जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2016 रियो ओलिंपिक्स के बाद फेल्प्स ने फाइनल रिटायरमेंट ले लिया।