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साउथ कोरिया में हुए विंटर ओलिंपिक गेम्स, इतनी शानदार रही क्लोजिंग सेरेमनी

समापन समारोह में साउथ कोरिया की टेक्नॉलाजी और ड्रोन शो सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा।

Danik Bhaskar | Feb 27, 2018, 12:21 PM IST

स्पोर्ट्स डेस्क. साउथ कोरिया के प्योंगचेंग शहर में हुए 23वें विंटर ओलिंपिक गेम्स रविवार को खत्म हो गए। 17 दिन चले गेम्स का समापन बेहद रंगारंग क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हुआ। समापन समारोह में साउथ कोरिया की टेक्नॉलाजी और ड्रोन शो सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। इन गेम्स में 92 देश के करीब 3 हजार एथलीटों ने हिस्सा लिया। 29 देशों ने मेडल जीते। भारत इन खेलों में एक भी मेडल नहीं जीत सका। नॉर्वे ने बनाया मेडल जीतने का रिकॉर्ड...

- इन गेम्स में 53 लाख की आबादी वाले नॉर्वे ने 14 गोल्ड समेत सबसे ज्यादा 39 मेडल्स जीते।

- नॉर्वे ने सिर्फ प्योंगचेंग ही नहीं बल्कि 94 साल के विंटर ओलिंपिक के इतिहास में किसी एक गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल जीतने का रिकॉर्ड बना दिया।

- इन खेलों में नॉर्वे 14 गोल्ड, 14 सिल्वर और 11 ब्रोंज समेत कुल 39 मेडल जीतकर पहले नंबर पर रहा।
- जर्मनी को 14 गोल्ड, 10 सिल्वर और सात ब्रोंज सहित कुल 31 मेडल मिले, वो दूसरी पोजिशन पर रहा।
- कनाडा को 11 गोल्ड, 8 सिल्वर और 10 ब्रोंज सहित कुल 29 मेडल मिले और वो तीसरे नंबर पर रहा।

कभी भारत जैसी थी हालत, फिर यूं बदली तस्वीर

- 53 लाख की आबादी वाला नॉर्वे विंटर ओलिंपिक में मेडल जीतने के मामले में टॉप पर रहा। जबकि एक वक्त पर उसकी भी हालत भारत जैसी ही थी। 1988 के विंटर गेम्स में नॉर्वे को एक भी गोल्ड नहीं मिला था।

- 1988 में हुई शर्मिंदगी के बाद नॉर्वे सरकार ने खेलों में प्रोफेशनलिज्म लाने के लिए ओलिंपियाटॉपेन बनाया। इसमें साइंटिस्ट, ट्रेनर, न्यूट्रिशियंस, पूर्व खिलाड़ी, कोच शामिल हैं।

- इस छोटे से देश के दुनिया जीतने का सीक्रेट क्या है? इसका जवाब क्रास कंट्री स्कीयर योहानेस क्लाबो ने दिया। उन्होंने बताया ज्यादातर देशों और खेलों में छोटे बच्चों पर जीत का दबाव बनाया जाता है, पर नॉर्वे में ऐसा नहीं होता।

नॉर्वे: जिस देश में जीत नहीं, पार्टिसिपेशन है जरूरी


- तीन ओलिंपिक गोल्ड जीतने वाले योहानेस कहते हैं, 'बर्फ, नॉर्वे की जिंदगी का हिस्सा है। हम यहां अक्सर कहते हैं कि आप अपने स्की के साथ ही पैदा होते हैं। यहां के लोग हर रविवार स्कीइंग करते हैं। पर हमारी कामयाबी का दूसरा पहलू यह है कि हम जीत से ज्यादा पार्टिसिपेशन को महत्व देते हैं।'
- ओलिंपियाटॉपेन के डायरेक्टर टोरे ओवरबो बताते हैं, 'हम चाहते हैं कि बच्चे खेलें, पर उनके खेल में कॉम्पीटिशन ना हो। वे जीत के लिए ना खेलें, अपने विकास के लिए खेलें। बच्चों को जीत के कॉम्पटीशन से बचाने के लिए हमारे देश में कड़े नियम हैं। यहां बच्चे जब तक 13 साल के नहीं हो जाते, तब तक उन्हें किसी इवेंट में रैंकिंग नहीं दी जाती। वे बिना दबाव के खेलते हैं। इस दौरान हम टैलेंट चुनकर उसे डेवलप करते हैं।'
- योहानेस कहते हैं कि जीत का दबाव नहीं होने के कारण बच्चे मजे के लिए खेलते हैं। इससे वे अच्छे एथलीट के साथ-साथ बेहतर इंसान भी बनते हैं। जब वे खेलते हैं तो उनके दिमाग में प्रतिस्पर्धा नहीं, बस खेल होता है।

एक से ज्यादा इवेंट में खेलते हैं एथलीट

- नॉर्वे में खिलाड़ियों को किसी एक इवेंट पर फोकस करने को नहीं कहा जाता। इससे वे पसंदीदा दो-तीन इवेंट में खेलते हैं।
- नॉर्वे की मेरिट ब्योर्गेन ने प्योंगचेंग में 5 मेडल जीते। यह इसी पॉलिसी का नतीजा है।

आगे की स्लाइड्स में देखें, इस ओलिंपिक में कमाल करने वाले कुछ एथलीट और क्लोजिंग सेरेमनी के खास फोटोज...

मेरिट ने बनाया 15 मेडल जीतने का रिकॉर्ड 

 

- इस ओलिंपिक के दौरान नॉर्वे की क्रॉस कंट्री स्कीयर मेरिट ब्योर्गेन एक विंटर ओलिंपिक में सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं।
- नॉर्वे की मेरिट ब्योर्गेन ने प्योंगचेंग में 5 मेडल जीते। ये ओवरऑल विंटर ओलिंपिक में उनका 15वां मेडल था। इसके साथ ही वे विंटर गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं।
- 15 मेडल जीतकर उन्होंने सबसे ज्यादा मेडल जीतने के मामले में नार्वे के ही बाएथलीट ओले इनार ब्योर्नडेलेन (13 मेडल) को भी पीछे छोड़ दिया। 
- 37 साल की मेरिट ने एक विंटर गेम्स में सबसे ज्यादा 5 मेडल जीतने के अमेरिका के एरिक हेडन की बराबरी भी कर ली। स्पीड स्केटर हेडन ने 1980 में पांच गोल्ड जीते थे। ब्योर्गेन से ज्यादा मेडल, पूर्व सोवियत जिम्नास्ट लैरिसा लेतनिना (18 मेडल) के नाम हैं। 

- ब्योर्गेन ने 19 साल के करियर में ओलिंपिक में 8 गोल्ड, 4 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज जीते हैं।

 

लेडेका ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, बनीं पहली महिला एथलीट

 

- चेक रिपब्लिक की एस्टर लेडेका ने 7 दिन में 2 गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही वे एक ओलिंपिक में दो खेलों में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गईं।

- 22 साल की लेडेका ने इस ओलिंपिक में पहले अल्पाइन स्कीइंग सुपर-जी में गोल्ड जीता था। फिर उन्होंने स्नोबोर्ड पैरेलल जाएंट स्लेलम का गोल्ड मेडल भी जीता।
- वे दो इवेंट में गोल्ड जीतने वाली ओवरऑल तीसरी खिलाड़ी हैं। नॉर्वे के थोरलेफ हॉग और जोहान ग्रोएटमस्टब्रटेन भी एक विंटर गेम्स के दो खेलों में गोल्ड जीत चुके हैं। 

 

रिकॉर्ड्स/अवॉर्ड 

 

- 20 वर्ल्ड कप क्रिस्टल ग्लोब टाइटल का ऑलटाइम रिकॉर्ड 
- स्कीइंग वर्ल्ड कप में 135 बार टॉप-3 में शामिल रहीं 
- 2010 में चुनी गईं लॉरियस स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर 

- यूएस ओलिंपिक कमेटी स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर  की एस्टर लेडेका ने 7 दिन में 2 गोल्ड मेडल जीते। इसके साथ ही वे एक ओलिंपिक में दो खेलों में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गईं।

- 22 साल की लेडेका ने इस ओलिंपिक में पहले अल्पाइन स्कीइंग सुपर-जी में गोल्ड जीता था। फिर उन्होंने स्नोबोर्ड पैरेलल जाएंट स्लेलम का गोल्ड मेडल भी जीता।
- वे दो इवेंट में गोल्ड जीतने वाली ओवरऑल तीसरी खिलाड़ी हैं। नॉर्वे के थोरलेफ हॉग और जोहान ग्रोएटमस्टब्रटेन भी एक विंटर गेम्स के दो खेलों में गोल्ड जीत चुके हैं। 

 

 

15 साल की उम्र में एलिना ने जीता गोल्ड

 

 

- इस विंटर ओलिंपिक में 15 साल की फिगर स्केटर एलिना जेगितोवा ने महिला सिंगल फिगर स्केटिंग का गोल्ड जीता।

- इसके साथ ही जेगितोवा सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला एथलीट बन गईं। 
- जेगितोवा रूस की हैं, लेकिन प्रतिबंध के कारण रूसी एथलीट्स ने इन गेम्स में ओलिंपिक के झंडे तले हिस्सा लिया। इसलिए यह मेडल रूस के खाते में नहीं गिना गया।
- एलिना फिगर स्केटिंग में चैम्पियन बनने वाली 20 साल में सबसे युवा खिलाड़ी हैं।