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मायके में रोका, ससुराल में टोका, महिला ने नहीं मानी हार, पूरा कर दिखाया सपना

हरियाणा की एक महिला ने अपना वो सपना पूरा कर दिखाया, जिसका पूरा होना तो दूर जिसे देखना भी हरियाणा जैसे राज्य की महिलाओं के लिए पॉसिबल नहीं है।

Dainik Bhaskar

Jun 17, 2016, 01:35 PM IST
बानी यादव को देश की फास्टेस्ट महिला कार रेसर होने का खिताब मिल चुका है। बानी यादव को देश की फास्टेस्ट महिला कार रेसर होने का खिताब मिल चुका है।
गुड़गांव. हरियाणा की एक महिला ने अपना वो सपना पूरा कर दिखाया, जिसका पूरा होना तो दूर जिसे देखना भी हरियाणा जैसे राज्य की महिलाओं के लिए पॉसिबल नहीं है। ये सपना था एक प्रोफेशनल कार रेसर बनने का, जिसे देखा था बानी यादव ने। हालांकि इसे पूरा करने के लिए उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इसे पूरा करते हुए बाकी महिलाओं के लिए एक नई मिसाल पेश कर दी। घरवाले थे सख्त खिलाफ...
- अपने रेसर बनने की कहानी को सुनाते हुए बानी कहती हैं कि 'मेरा बचपन लखनऊ में बीता। पापा बहुत तेज गाड़ी चलाते थे। उन्हें देख मेरी भी इच्छा होती थी कि मैं तेज रफ्तार से गाड़ी चलाऊं'।
- 'जब 12-13 साल की हुई तो कार रेसर बनने का सपना देखने लगी। लेकिन, पापा नहीं चाहते थे कि बेटी खतरों से खेले'।
- बानी के पिता को डर था कि बेटी रेसिंग करेगी तो चोटिल हो जाएगी। सख्त पाबंदी लगा दी। मगर, इसके बाद भी बानी नहीं मानी।
- बानी का कहना है कि वे चुपके से कार निकाल लेती और शहर का चक्कर लगाकर वैसे ही रख देती। ये सिलसिला कई साल तक चलता रहा और वे एक फास्ट ड्राइवर बन गईं।

शादी के बाद बढ़ गई मुश्किल
- बड़ी होने पर बानी ने अपने कॉलेज के फ्रेंड से शादी कर ली और बानी माथुर से बानी यादव बन गईं। बानी का ससुराल गुड़गांव मानेसर में है।
- बानी को उम्मीद थी शादी के बाद ससुराल वाले उन्हें रेसिंग की इजाजत देंगे। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।
- ससुराल वालों को लगा कि बहू कार चलाएगी तो लोग क्या कहेंगे। इसलिए कड़ा विरोध हुआ।
- बानी के मुताबिक परिवार में वे अकेली कार चलाने वाली महिला थी। फिर भी ड्राइविंग पर पाबंदी लग गई। मगर, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
- उन्होंने परिवार का विश्वास जीतने की पूरा कोशिश की। दो बच्चों की जिम्मेदारी पूरी करने पर पति ने कार रैलियों में जाने की इजाजत दे दी।
- एकबार इजाजत मिलने के बाद उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे एक के बाद एक रैलियों में शामिल होने लगीं, और जीत का परचम लहराने लगी।
पुरुषों को भी पीछे छोड़ा
- पिछले दिसंबर में चिकमंगलूर में इंडियन कार रैली चैम्पियनशिप में शामिल हुईं और मेल रेसरों के बीच तीसरा स्थान हासिल किया।
- महिलाओं में वे पहले स्थान पर रहीं। देश के पुरुष-महिला रेसर मिलाकर वे चौथे रैंक पर है।
- देश की फास्टेस्ट महिला कार रेसर का खिताब भी मिल चुका है।
- आज वर्ल्ड रैंकिंग में भी उन्हें जगह मिल गई है। अब उनका सपना वर्ल्ड चैम्पियनशिप में देश को लीड करने का है।
सैलरी से निकालती हैं रेसिंग का खर्चा
- बानी घर संभालने और रेसिंग करने के अलावा गुड़गांव की एक टेलीकॉम इंडस्ट्री में काम करती हैं।
- उनका कहना है कि वे अपनी पूरी सैलरी रेसिंग में लगा देती हैं, और पति की सैलरी से घर चलता है।
- रेसिंग के शौक को लेकर उनका कहना है कि मेरे जैसी मिडिल क्लास फैमली से बिलॉन्ग करने वाली महिला के लिए ये आसान नहीं, मगर इंटरनेशनल कार रेसर बनना मेरी जिद है।
आगे की स्लाइड्स में देखें, बानी की लाइफ के कुछ खास फोटोज...
बानी ने पिछले साल चिकमंगलूर में हुई इंडियन कार रैली चैम्पियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था। बानी ने पिछले साल चिकमंगलूर में हुई इंडियन कार रैली चैम्पियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था।
देश के पुरुष-महिला रेसर मिलाकर बानी चौथी रैंक पर हैं। देश के पुरुष-महिला रेसर मिलाकर बानी चौथी रैंक पर हैं।
बानी की परवरिश हरियाणा में हुई। बचपन से उनका सपना कार रेसर बनने का था। बानी की परवरिश हरियाणा में हुई। बचपन से उनका सपना कार रेसर बनने का था।
घर में मनाही के बाद भी उन्होंने चुपके से फास्ट ड्राइव करना शुरू कर दिया। घर में मनाही के बाद भी उन्होंने चुपके से फास्ट ड्राइव करना शुरू कर दिया।
शादी के बाद जब वे ससुराल पहुंची तो वहां भी उनके रेसर बनने का विरोध हुआ। शादी के बाद जब वे ससुराल पहुंची तो वहां भी उनके रेसर बनने का विरोध हुआ।
बानी गुड़गांव की एक टेलीकॉम कंपनी में काम करती हैं। बानी गुड़गांव की एक टेलीकॉम कंपनी में काम करती हैं।
अपनी सैलरी से ही वे कार रेसिंग का पूरा खर्चा निकालती हैं। अपनी सैलरी से ही वे कार रेसिंग का पूरा खर्चा निकालती हैं।
अपने हसबैंड के साथ बानी यादव। अपने हसबैंड के साथ बानी यादव।
एक पार्टी के दौरान अपने पति सुरेश यादव के साथ बानी। एक पार्टी के दौरान अपने पति सुरेश यादव के साथ बानी।
बानी देश में होने वाली ज्यादातर कार रेसिंग कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती हैं। बानी देश में होने वाली ज्यादातर कार रेसिंग कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती हैं।
बानी का सपना इंटरनेशनल कार रेसर बनाने का है। बानी का सपना इंटरनेशनल कार रेसर बनाने का है।
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बानी यादव को देश की फास्टेस्ट महिला कार रेसर होने का खिताब मिल चुका है।बानी यादव को देश की फास्टेस्ट महिला कार रेसर होने का खिताब मिल चुका है।
बानी ने पिछले साल चिकमंगलूर में हुई इंडियन कार रैली चैम्पियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था।बानी ने पिछले साल चिकमंगलूर में हुई इंडियन कार रैली चैम्पियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था।
देश के पुरुष-महिला रेसर मिलाकर बानी चौथी रैंक पर हैं।देश के पुरुष-महिला रेसर मिलाकर बानी चौथी रैंक पर हैं।
बानी की परवरिश हरियाणा में हुई। बचपन से उनका सपना कार रेसर बनने का था।बानी की परवरिश हरियाणा में हुई। बचपन से उनका सपना कार रेसर बनने का था।
घर में मनाही के बाद भी उन्होंने चुपके से फास्ट ड्राइव करना शुरू कर दिया।घर में मनाही के बाद भी उन्होंने चुपके से फास्ट ड्राइव करना शुरू कर दिया।
शादी के बाद जब वे ससुराल पहुंची तो वहां भी उनके रेसर बनने का विरोध हुआ।शादी के बाद जब वे ससुराल पहुंची तो वहां भी उनके रेसर बनने का विरोध हुआ।
बानी गुड़गांव की एक टेलीकॉम कंपनी में काम करती हैं।बानी गुड़गांव की एक टेलीकॉम कंपनी में काम करती हैं।
अपनी सैलरी से ही वे कार रेसिंग का पूरा खर्चा निकालती हैं।अपनी सैलरी से ही वे कार रेसिंग का पूरा खर्चा निकालती हैं।
अपने हसबैंड के साथ बानी यादव।अपने हसबैंड के साथ बानी यादव।
एक पार्टी के दौरान अपने पति सुरेश यादव के साथ बानी।एक पार्टी के दौरान अपने पति सुरेश यादव के साथ बानी।
बानी देश में होने वाली ज्यादातर कार रेसिंग कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती हैं।बानी देश में होने वाली ज्यादातर कार रेसिंग कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती हैं।
बानी का सपना इंटरनेशनल कार रेसर बनाने का है।बानी का सपना इंटरनेशनल कार रेसर बनाने का है।
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