खेल डेस्क. भारतीय महिला पहलवान गीता फोगाट आज, 15 दिसंबर (1988) अपना 26वां जन्मदिन मना रही हैं। गाती पहली भारतीय महिला पहलवान हैं, जिन्होंने भारत के लिए ओलिंपिक क्लालीफाइ किया। उनकी चार अन्य बहनें भी पहलवान हैं। वह 55 किग्रा फ्री स्टाइल कुश्ती में भारत का प्रतिनिधत्व करती हैं। फ्रीस्टाइल फार्मेट कुश्ती का मॉडर्न स्वरूप है। इस मौके पर
Dainikbhaskar.com आपको कुश्ती के ग्रीको-रोमन सहित सभी प्राचीन व आधुनिक फॉर्मेट से रूबरू करा रहा है।
गलती हुई नहीं कि पड़ी चाबुक
माना जाता है कि ग्रीको-रोमन कुश्ती की शुरुआत 400 ईसा पूर्व में हुई। तब पहलवानी इतनी आसान नहीं होती थी। दरअसल, अखाड़े में न सिर्फ बगैर कपड़े जोर आजमाइश करनी पड़ती थी, बल्कि गलती होने पर बदन पर चाबुक की मार तक सहनी पड़ती थी। रेफरी पहलवानों की गलतियों पर चाबुक से दंड देता था।
अब ऐसा नहीं
अब इस विधा में कई बदलाव आ चुके हैं। पहलवान नेकर पहनकर अखाड़े में उतरता है। वहीं, रेफरी के हाथों में चाबुक भी नहीं होती। यह अलग बात है कि नियम लगभग वही हैं। पर चाबुक की जगह अब न वॉर्निंग (चेतावनी) ने ले ली है।
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