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  • टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर को लेकर अभी भी बरकरार है दुविधा

टीम इंडिया के लिए बहुत ज्यादा मायने रखेगा कोहली का बैटिंग ऑर्डर

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. क्रिकेट वर्ल्ड कप में रविवार को पाकिस्तान से भारत का मुकाबला महज दो दिन दूर है। लेकिनअभी तक टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर फाइनल नहीं हो पाया है। खासकर तीन और चार नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर टीम मैनेजमेंट अभी तक स्पष्ट रुख नहीं बनाया पाया है। सबसे ज्यादा सवाल स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के बैटिंग ऑर्डर को लेकर है। क्योंकि एक ओर विराट कोहली खुद तीन नंबर पर बल्लेबाजी करना चाहते हैं तो दूसरी ओर टीम मैनेजमेंट उन्हें चार नंबर पर भेजने की प्लानिंग करता रहा है।
बता दें कि ट्राई सीरिज में विराट कोहली ने अपने पसंदीदा बैटिंग स्पॉट (तीन नंबर) पर बल्लेबाजी की लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिक सके और मोइन अली का शिकार बन गए। पिछले रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में भी कोहली तीन नंबर पर ही बल्लेबाजी करने आए लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं पाए।
बैटिंग ऑर्डर में लगातार प्रयोग करती रही है टीम इंडिया
ट्राई सीरिज से लेकर अभ्यास मैच तक टीम इंडिया पिछले साल के मुकाबले बैटिंग ऑर्डर में लगातार प्रयोग करती रही है। हालांकि यह करना कई मौके पर जरूरी था लेकिन यह विराट कोहली के लिए ज्यादा मददगार साबित नहीं हुआ। अगर पिछले छह वनडे मैचों की बात करें तो विराट कोहली का व्यक्तिगत स्कोर 5, 18, 8, 3, 4 और 9 रहा है। 9.4 जैसे मामूली औसत से कुल 47 रन बनाए। इसमें वह तीन बार तीसरे और तीन बार चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे।
वैसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 400 से ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली से टीम इंडिया ने वनडे मैचों में ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं तीन और चार
नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर बनी असमंजस की स्थिति कहीं ज्यादा जिम्मेदार है।
कोहली के बल्लेबाजी क्रम को लेकर हुए दो मत
कोहली किस नंबर पर बल्लेबाजी करें यह बहस दो भागों में बंट गई है। एक ओर जहां कई विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि कोहली को तीन नंबर पर बल्लेबाजी करनी चाहिए तो कुछ उन्हें टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर में संतुलन के लिए चार नंबर पर भेजना चाहते हैं। वैसे अपने पसंदीदा स्थान तीन नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए जयपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट कोहली की 52 गेंदों में 100 की धमाकेदारी पारी कौन भूल सकता है। खुद कोहली कई मौकों पर इस बात की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं कि वह तीन नंबर बल्लेबाजी करना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि इस नंबर पर आने से वह शुरू से विरोधी टीम पर दबाव बना पाते हैं। जबकि कोहली को चार नंबर पर भेजे जाने की वकालत करने वालों का कहना है कि अगर विराट कोहली को 30 ओवर खेलने का वक्त मिलता है और वह भी डेथ ओवर्स में तो वह टीम के लिहाज से बेहद अच्छा रहेगा।
लेकिन यह भी याद रखना होगा कि कोहली ने चार नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अच्छी पारियां खेली हैं जिसमें श्रीलंका के खिलाफ 2012 में 133 रन की शानदार पारी भी शामिल है।
हालांकि सर विवियन रिचर्डस और रिकी पोटिंग से होने वाली तुलना को ध्यान में रखे तो विराट कोहली के लिए तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने की नसीहत समझ में आती है। क्योंकि इन दोनों महान बल्लेबाजों ने इसी बैटिंग ऑर्डर पर आकर कमाल की पारियां खेली हैं और बल्लेबाजी का वह क्लास कोहली में भी दिखता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर यही तर्क है कि कोहली बैटिंग के लिए जल्दी आएंगे तो उन्हें खेलने का ज्यादा वक्त मिलेगा तो वह ओपनिंग क्यों नहीं करते? क्योंकि उनकी तुलना तो सचिन तेंदुलकर से भी होती रही है और सचिन तो हमेशा वनडे में ओपनिंग ही करते रहे हैं।
अगर 1999 विश्व कप की बात छोड़ दें, जिस वक्त मोहम्मद अजरहद्दीुन और कोच अंशुमान गायकवाड़ ने सचिन को चार कुछ मैचों में चार नंबर पर भेजा था। लेकिन 2003 के वर्ल्ड कप मैचों के दौरान कोच जॉन राइट ने फिर से सचिन को सौरव गांगुली के साथ ओपनिंग के लिए भेजा, जबकि वह उससे पहले वह न्यूजीलैंड में चार नंबर पर बल्लेबाजी कर चुके थे। इसके बाद 2007 में राहुल द्रविड़ और ग्रेग चैपल ने फिर से तेंदुलकर को चार नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा था और उस विश्व कप में टीम का प्रदर्शन कितना बुरा रहा था उसे कोई भी क्रिकेट फैन याद नहीं करना चाहेगा।
इस बार अलग हैं हालात
इस बार मौजूदा हालात कहीं ज्यादा अलग है। पहली बात तो यह कि 1999 और 2007 की तरह भारत की बैटिंग लाइन अप सेट नहीं है। क्योंकि उस दौरान कई बड़े बल्लेबाजों की मौजूदगी के कारण टीम मैनेजमेंट सचिन तेंदुलकर के बल्लेबाजी क्रम को लेकर फेरबदल करता रहा था। पर इस बार यह संभाव नहीं दिख रहा। शिखर धवन का खराब फार्म लगातार जारी है। वहीं रोहित शर्मा और अजिंक्य राहणे के बीच कौन ओपनिंग के लिए आएंगे यह भी अभी तय नहीं है। एक चोटिल होता है तो ही दूसरे को मौका मिलता है।
फिट होने के बाद भले ही रोहित शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ सेंचुरी बनाई हो लेकिन हमें याद रखना होगा कि राहणे भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके बल्लेबाजी क्रम से छेड़छाड़ न केवल उनके प्रदर्शन पर असर डालेगी बल्कि टीम के नतीजों को भी प्रभावित करेंगी।
अन्य बल्लेबाजों के बैटिंग ऑर्डर को लेकर भी है दिक्कत
विराट कोहली, राहणे और रोहित ही नहीं अंबाती राडडु, सुरेश रैना जैसे बल्लेबाजों के क्रम को लेकर भी असमंजस की स्थिति है।