आगरा. अकबर ने गर्मी में धूप से बचने के लिए फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा बनवाया था। यही नहीं, महल के पीछे एसी कमरे भी बनवाए थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 400 साल पहले बने इन कमरों का खुलासा किया है।
जानें क्या थी कमरे की खासियत...
- फतेहपुर सीकरी में महल के पीछे कारवां सराय में एक हिस्सा मलबे से ढका हुआ था।
- ASI को यहां पुरातात्विक रहस्य होने के सबूत मिले। 6 महीने पहले इसकी खुदाई शुरू हुई।
- इसके बाद से कभी सुरंग मिलता था, तो कभी अंडरग्राउंड कमरे।
- अब यहां कूलिंग चेंबर मिला है।
वाटर सिस्टम से कमरे रहते थे ठंडे
- खुदाई में यहां 14 बड़े कमरे मिले हैं, जो 400 साल पुराने अकबर कालीन के हैं।
- यहां ऐसा वाटर सिस्टम तैयार किया गया था, जिससे कमरे ठंडे रहते थे।
- गर्मी में अकबर यहां आराम फरमाते थे।
- कमरों मे खास खिड़कियां बनी हैं, जहां से पानी लगातार बहता था।
- पानी कमरे से होते हुए बाहर निकल जाता था। इससे कमरे में एसी का अनुभव होता था।
अकबर ने बनवाया था रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
- पुरातत्वविद डॉ. भुवन विक्रम ने बताया, खोजबीन का काम जारी है।
- 52 बावलियां भी मिली हैं, जिनमें बारिश का पानी रखा जाता था।
- गर्मी में पानी की कमी पड़ने पर इसका उपयोग किया जाता था। हालांकि, इनमें से कई जमींदोज हो चुके हैं।
- बावली के संरक्षण में ASI को पूरी जल प्रणाली मिली है, जो रेन वाटर हार्वेस्टिंग का शानदार नमूना है।
- यह ऐसा वाटर सिस्टम था, जिसमें बारिश की एक भी बूंद बेकार नहीं होती थी। सालभर यही पानी पीया जाता था।
आगे की स्लाइड्स में देखिए, खुदाई के दौरान मिला अकबर का एसी कमरा...