आगरा. आगरा में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर सोमवार को वकीलों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने दिल्ली-आगरा हाइवे पर जाम लगा दिया। अपनी मांगें मनवाने के लिए नारेबाजी करने लगे। इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जाम के चलते गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। वाहन चालक और राहगीर परेशान हो उठे।
आंदोलित वकीलों ने न्यायिक कार्य ठप कर हाइवे पर जाम लगा खंडपीठ की मांग के लिए हुंकार भरी। परिसर में खंडपीठ की मांग के लिए अनशन भी जारी रहा। दोपहर बाद संघर्ष समिति ने दीवानी से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकालने की घोषणा की। साथ ही खंडपीठ मुद्दे पर पड़ोसी जिलों का समर्थन जुटाने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की जानकारी दी।
संघर्ष समिति से जुड़े वकीलों ने साथी वकीलों और वादकारियों को कोर्ट में नहीं घुसने दिया। उन्होंने कोर्ट की सीढ़ियों पर कब्जा कर लिया और हंगामा करने लगे। इस दौरान खंडपीठ समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। न्याय प्रशासन द्वारा हड़ताल के मुद्दे पर असहयोग करने पर न्याय प्रशासन की खिलाफत में भी नारे लगाए गए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ में आगरा स्थापित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को भी कई वकील हड़ताल पर चले गए थे। इसकी वजह से कोर्ट का काम ठप हो गया था। वकीलों का कहना था कि वे हर हाल में जसवंत आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगरा में ही खंडपीठ बनवाकर रहेंगे। इसके लिए 10 दिसंबर को आगरा बंद किया जाएगा।