फाइल फोटो।
आगरा. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के साथ ही हाईस्पीड और बुलेट ट्रेन पर काम भी शुरू कर दिया गया है। बीते बुधवार को उपमंत्री समेत नौ सदस्यीय चीनी दल ने आगरा से दिल्ली तक यात्रा कर रेलवे ट्रैक को भी परखा। डीआरएम विजय सहगल चीनी दल को देर शाम ट्रेन के इंजन में बैठाकर आगरा से नई दिल्ली तक ले गए। यह ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रात को दिल्ली पहुंची।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि चीनी दल भारत के सबसे तेज रफ्तार के ट्रैक की जांच करना चाहता था। इसी वजह से रेलवे बोर्ड ने आगरा-दिल्ली रूट को चुना। बुधवार की शाम को डीआरएम विजय सहगल के पास रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार का फोन आया। उन्होंने चीनी दल के आगरा पहुंचने की जानकारी दी। कुछ देर में ही चीनी दल ट्रेन से आगरा पहुंच गया। डीआरएम को प्रोटोकॉल का ध्यान रखने और इस दौरे को गोपनीय रखे जाने का भी निर्देश दिया गया था।
चीनी दल में चीन के मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे एंड ट्रांसपोर्ट के वाइस मिनिस्टर, सह नेशनल रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के एडमिनिस्ट्रेटर एलयू डांग फू भी थे। उनके साथ चाइना के रेलवे एक्सपर्ट की टीम थी। यहां पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही बुधवार की रात साढ़े आठ बजे एलटीटी-निजामुद्दीन एसी एक्सप्रेस के इंजन में डीआरएम ने चीनी दल को बैठाया। वो इस दल को गाइड कर रहे थे।
गुरुवार को डीआरएम विजय सहगल ने बताया कि यह ट्रेन आगरा से दिल्ली तक लगातार चली। इसकी अधिकतम स्पीड 130 किलोमीटर प्रतिघंटा था। चीन के वाइस मिनिस्टर ने कहा कि, यहां पर विपरीत परिस्थितियों में भी ट्रेनों का रेलवे बेहतर तरीके से संचालन कर रहा है।
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