आगरा: यूपी के आगरा में हिंदू बने 200 से ज्यादा मुसलमान अब अजीबोगरीब स्थिति का सामना कर रहे हैं।
धर्म परिवर्तन से नाराज मौलवी उनकी बस्तियों में पहुंचकर उन्हें बता रहे हैं कि वे अब 'न हिंदू हैं और न मुसलमान'। मौलवियों के मुताबिक, इन लोगों को 'भगवान या अल्लाह' माफ नहीं करेगा। वहीं, कुछ लोगों ने धमकी दी है कि अगर ये फिर से मुसलमान बने तो इन्हें हिंदू इलाकों से निकाल दिया जाएगा। बता दें कि आरएसएस से जुड़े बजरंग दल और एक अन्य संगठन की ओर से सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में 60 मुस्लिम परिवार के सदस्यों का धर्म परिवर्तन करवाया गया। हिंदू संगठनों ने इस 'घर वापसी' का कार्यक्रम बताया, जबकि प्रभावित परिवार के दो सदस्यों ने आरोप लगाया कि राशन कार्ड और आधार कार्ड का प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया।
क्या कहा मौलवी ने
इन परिवारों के घर पहुंचे मौलवी मुद्स्सीर खान ने इन्हें और डरा दिया है। खान के मुताबिक, इन्हें दोबारा मुसमलान बनने के लिए फिर से शादी करनी होगी और नए सिरे से कुरान पढ़नी होगी। खान ने कहा, "फिर से निकाह करो, बच्चों को फिर कुरान पढ़ने बोलो। अपनी पत्नियों को पर्दा करने कहो। उसके बाद ही ऊपर वाला माफ करेगा। तुम लोगों ने अपराध किया है।'' बुधवार को देवबंद और बरेलवी स्कूलों से कुछ मौलवी भी इनके घर पहुंचे। उन्होंने इन परिवारों को कहा कि पुरुष दाढी बढ़ाएं।
आदित्यनाथ ने कहा-होगा धर्म परिवर्तन
जहां बीजेपी ने इस मामले में अपनी भूमिका होने से इनकार किया है, वहीं इसके सांसद आदित्यनाथ ने एलान किया है कि अलीगढ़ में ईसाइयों और मुस्लिमों के धर्मांतरण से जुड़े कार्यक्रम को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, ''यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है। मेरा अलीगढ़ में कार्यक्रम है और यह होकर रहेगा। जो खुद से हिंदू धर्म अपनाना चाहते हैं, उनका स्वागत है।''
संसद में भी गूंजा मामला
मुस्लिमों के कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाए जाने का मामला बुधवार को संसद में भी उठा। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही जगह विपक्ष के सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधा। तृणमूल नेता सुल्तान अहमद ने यह मामला लोकसभा में उठाया। उन्होंने अखबार लहराते हुए पूछा कि आगरा में क्या हो रहा है? मायावती ने कहा, ''हमारा देश संविधान से चलता है और धर्मनिरपेक्षता इसका एक स्तंभ है।'' मायावती ने आरोप लगाया कि बजरंग दल ने धर्म परिवर्तन कराने वाले परिवारों की गरीबी का फायदा उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सब रोका नहीं गया तो पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव फैल जाएगा। वहीं, कांग्रेस के आनंद शर्मा ने राज्यसभा में कहा कि सदन और देश को यह विश्वास दिलाए जाने की जरूरत है कि संविधान का उल्लंघन नहीं होगा। लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि पीएम को इस मामले पर सफाई देनी चाहिए। वहीं, बीजेपी ने कहा कि यह मामला यूपी का है, जहां समाजवादी पार्टी की सरकार है।