फोटो: सभा को संबोधित करते जेएनयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार सोपोरी।
लखनऊ. देश में मौजूद उच्च शिक्षण संस्थानों की अब रैंकिंग की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने एक कार्य योजना तैयार की है, जिसके माध्यम से इस बात की जानकारी मिल सकेगी कि ग्लोबल रैंकिंग में हमारे शिक्षण संस्थान कहां पर खड़े हैं। इस बात की जानकारी शनिवार को लखनऊ पब्लिक कॉलेजेज ऑफ प्रोफेशन स्टडीज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जेएनयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार सोपोरी ने दी।
बताते चलें कि रैंकिंग निर्धारण के लिए एमएचआरडी की तरफ से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार सोपोरी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी इसके विभिन्न बिन्दुओं के निर्धारण का कार्य आईआईटी के प्रोफेसर के सहयोग से तय करेगी। इस दौरान उन्होंने विश्व के श्रेष्ठ 200 उच्च शिक्षण संस्थानों की सूची में देश का एक भी विश्वविद्यालय न शामिल होने के कई कारण भी गिनाए।
प्रो. सोपोरी ने बाताए कई मानक
उन्होंने कहा कि विश्व के उच्च शिक्षण संस्थानों की जो सूची तैयार होती है उसके कई मानक हैं। इस कारण हम उसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं। प्रो. सोपोरी ने उनके कुछ प्रमुख मानकों की गिनती करते हुए बताया कि विदेशों से कितना फंड और विदेशों के कितने छात्र और नोबेल पुरस्कार विजेता पढ़ाते हैं सहित कई बिन्दु हैं। जिनके अंकों की गणना के कारण हम श्रेष्ठ 200 संस्थानों की सूची में हम शामिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसका यह मतलब नहीं निकालना चाहिए कि हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता खराब है। एशिया श्रेष्ठ 100 शिक्षण संस्थानों में हमारे कई आईआईटी, प्रबंध संस्थान और कई विवि शामिल हैं।
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