आगरा. ताजनगरी में अलग-अलग इलाकों में बंदरों के शव मिल रहे हैं। अब तक 100 से अधिक बंदरों के शव मिल चुके हैं। इनमें से खेड़ागढ़ में उटंगन नदी के किनारे 42 शव बरामद हुए हैं। इन्हें शुक्रवार को वन विभाग ने चुपचाप दफना दिया था। शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। तब वन विभाग ने शवों को निकालकर पोस्टमार्टम करवाया। दूसरी ओर सैंया इलाके में भी 60 से अधिक बंदर मृत मिले हैं। अब वन विभाग वहां भी पोस्टमार्टम करवाने की तैयार कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि बंदरों को जहर देकर मारा गया है।
वन विभाग के वन दरोगा घनसिंह परमार ने बताया कि अलग-अलग जगह मृत बंदर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ बंदरों की हत्या करने का मामला दर्ज किया जा रहा है। जगनेर थाना में एक प्राथमिकी हो चुकी है। परमार ने बताया कि लगातार मृत बंदर मिल रहे हैं। अब तक इनकी संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। बंदरों के शव मिलने से ग्रामीण भी परेशान हैं।
दो दिन से मिल रहे हैं बंदरों के शव
खेरागढ़ और जगनेर के गांवों में दो दिनों से बंदरों के शव मिलने का सिलसिला चल रहा है। झींझिन की पुलिया पर 13 मृत बंदर सड़क किनारे मिले। इसके अलावा उटंगन नदी के किनारे भी बंदरों का एक झुंड मृत अवस्था में मिला। इधर, सैंया क्षेत्र में जंगल में 60 से अधिक बंदर के शव मिले। शवों से आ रही बदबू से गांववालों को इसके बारे में पता चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम के बाद दफनाया जाएगा
खेड़ागढ़ में वन विभाग के कर्मचारियों ने मृत बंदरों को सामूहिक रूप से दफना दिया था, लेकिन बजरंग दल ने इसका कड़ा विरोध किया। बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष अतुल ने बताया कि किसी साजिश के तहत बंदरों को मारा गया है। सभी बंदरों को पोस्टमार्टम के बाद केसरिया कपड़े में लपेट कर दफनाया जाएगा।
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