फाइल फोटो: मृतका सुभिक्षा।
आगरा. एक सौतेली मां ने छह वर्षीय बेटी को मंदिर परिसर में जिंदा दफन कर दिया। घटना के तीन दिन बाद जब पिता और पड़ोसियों को शक हुआ तो उससे पूछताछ की गई। ऐसे में गुरुवार को सौतेली मां ने अपना जुर्म कबूला और निशानदेही पर शव को निकाला गया। इससे गुस्साए लोगों ने जबरदस्त हंगामा किया। हंगामे के चलते पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर देर शाम सिकंदरा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
यह मामला पश्चिमपुरी के कालरात्रि मंदिर का है। यहां के पुजारी बुद्ध विलास तिवारी मंदिर परिसर में परिवार समेत रहते हैं। उनकी पहली पत्नी से बेटी हुई थी। साढ़े चार साल पहले उसकी मौत हो गई। इसके बाद बुद्ध विलास ने दूसरी शादी अर्चना तिवारी से की। अर्चना से एक बेटा हुआ जो डेढ़ वर्ष का है।
बुद्ध विलास अपनी बेटी सुभिक्षा को कांवेंट में पढ़ाते थे। वह बीते 21 सितंबर की शाम करीब चार बजे मंदिर परिसर से गायब हो गई। इसके बाद परिवार ने इसकी गुमशुदगी की सूचना थाना सिकंदरा में दर्ज करवाई। बेटी के गायब होने से पिता बेहद परेशान था। इस दौरान बुद्ध विलास को अपनी पत्नी अर्चना पर शक हुआ।
गुरुवार की दोपहर को लोगों ने उससे कड़ी पूछताछ की तो उसने डर से बेटी के जिंदा दफनाने की बात कबूल ली। सुभिक्षा को अर्चना ने मंदिर परिसर में ही गाड़ दिया था। इसके बाद सौतेली मां की निशानदेही पर गड्ढा खोदकर सुभिक्षा के शव को निकाला गया। घटना से गुस्साए लोगों ने उसकी जमकर पिटाई भी कर दी। हालांकि, मौके पर पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया। इसके लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
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