आगरा. एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ. डीके हाजरा को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उनकी एक खोज का महत्त्व क्रांतिकारी है। न्यूक्लियर मेडिसिन के तहत उन्होंने थायरॉयड की जांच के लिए थायरॉयड स्टुमुलेटिंग हारमोन (टीएसएच) परीक्षण की खोज की थी।
टीएसएच के कारण थायरॉयड के इलाज में क्रांति आ गई। थायरॉयड के स्तर का पता चलने से उन मरीजों का सुगम इलाज संभव हो सका, जो इसकी उम्मीद छोड़ चुके थे। पूरी दुनिया में थायरॉयड के स्तर का पता लगाने के लिए इसी तकनीक से परीक्षण किया जाता है। भारत सरकार ने इस खोज के एक दशक बाद उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया है।
डॉ. हाजरा न्यूक्लियर मेडिसिन सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। वह विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए भी कार्य कर रहे हैं। हार्मोन के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान है।
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