फोटो: निष्कलंक माता के महागिरजाघर से निकाली गई शोभायात्रा।
आगरा. वजीरपुरा रोड स्थित निष्कलंक माता के महागिरजाघर में तीन दिवसीय प्रार्थना समारोह के बाद शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, दंपत्तियों और बुजुर्गों के लिए आशीष मांगना था। इसी के साथ देश में शांति की कामना की गई।
वजीरपुरा रोड स्थित निष्कलंक माता के महागिरजाघर को शहरवासी सेंट पीटर्स चर्च के रूप में जानते हैं। जहां क्रिश्चियन समाज के पर्व और विशेष दिवसों पर प्रार्थना सभा होती हैं। मिस्सा बलिदान आगरा महाधर्म प्रांत और धर्माध्यक्ष डॉ. अल्बर्ट डिसूजा ने विभिन्न चर्चों के पुरोहित सहित संपन्न कराया।
प्रार्थना सभा के दौरान अल्बर्ट डिसूजा ने अपने संबोधन में कहा कि माता मरियम अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करती हैं। वह उनकी प्रार्थनाएं प्रभु यीशु तक पहुंचाती है। उनका और प्रभु यीशु का जीवन एक ही है। माता मरियम ने ही काना नगर में सबसे पहले यीशु के प्रभु होने का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि जब हम यीशु का जन्मोत्सव को मनाने जा रहे हैं तो हमें बालक यीशु के साथ-साथ माता मरियम को भी याद करना चाहिए। एक माता के बिना विधाता की कल्पना असंभव है।
इससे पहले तीन दिवसीय प्रार्थना को फादर फिलिप कोरिया, फादर जूड जोबी और फादर फ्रांसिस डिसूजा ने संबोधित किया। मिस्सा बलिदान के बाद माता मरियम की झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चर्च के मुख्य द्वार से निकलकर वजीर पुरा रोड, संजय प्लेस से होकर आजाद पेटोल पंप के सामने से गुजरती हुई वापस चर्च की ओर मुड गई। इस दौरान भारी संख्या में लोग अपने हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए माता मरियम की स्तुति करते हुए भजन गाते चल रहे थे। भजन मंडली का संचालन फादर सनी, गुडडू, रिचर्ड और धर्म बहनों ने किया। इस दौरान फादर अमित, मुकेश जॉन, शेखर स्वामी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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