आगरा. धर्मांतरण का मुख्य आरोपी नंद किशोर वाल्मीकि गैंगेस्टर का आरोपी निकला। फिलहाल वह फरार है। हालांकि, पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए सात टीमें बनाई हैं। पुलिस के अनुसार, नंद किशोर वर्ष 2001 में शराब की तस्करी में जेल गया था। उसके परिजनों और साथियों से पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ है। दूसरी ओर, इसकी जानकारी मिलते ही पीस पार्टी ने धर्मांतरण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोपियों का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे छीन लिया।
एएसपी शैलेष पांडे ने बताया कि नंद किशोर वाल्मीकि वर्ष 2001 में थाना शाहगंज इलाके में राजस्थान से विदेशी शराब की 264 बोतल की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। शराब इंडिका कार में रखकर लाई जा रही थी। उस वक्त उसके दो अन्य साथी भी गिरफ्तार हुए थे। इस मामले में नंद किशोर करीब दो महीने तक जेल में रहा था। वहीं, थाना शाहगंज में उसी वक्त गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
57 मुस्लिम परिवारों के धर्मांतरण मामले में है मुख्य आरोपी
उन्होंने बताया कि 57 मुस्लिम परिवारों के धर्मांतरण के मामले में मुख्य आरोपी नंद किशोर गैंगस्टर का आरोपी निकला है। इसका खुलासा धर्मांतरण प्रकरण में फ़रार उसके परिजनों और साथियों से पूछताछ के बाद हुआ है। उनहोंने बताया कि नंद किशोर ने वर्ष 2012 में आगरा नगर निगम के वार्ड-2 से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। उस वक्त वह हार गया था।
नंद किशोर पर पांच हजार रुपए रखे गए हैं इनाम
पुलिस के अनुसार, इस वक्त नंद किशोर एक ट्रेवल एजेंसी और पेठे की दुकान चलाता है। उसकी गिरफ्तारी के लिए उसपर इनाम की रकम पांच हजार रुपए से बढ़ाई जाएगी। फिलहाल उसे पकड़ने के लिए सात टीमें बनाई हैं।
फोटो: आरोपियों का पुतला फूंकते पीस पार्टी के लोग।