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धर्मांतरण पीड़ि‍तों ने कहा- बंगलादेशी हैं, नहीं आती हिंदी

7 वर्ष पहले
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फोटो: पुलि‍स लाइन पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दि‍या ज्ञापन, जांच की मांग की।
आगरा. धर्मांतरण के कारण चर्चि‍त हो चुकी कबाड़ि‍यों की बस्‍ती संदि‍ग्‍ध नजर आने लगी है। गुरुवार को जो परिवार यहां से पलायन की जुगत में थे, उन्‍होंने अपने आपको बंगलादेशी बताया और हिंदी जानने से इनकार किया। यह जानकर प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बंगलादेश से आए करीब 300 से अधिक लोग यहां अवैध तरीके से रह रहे थे, लेकिन उन पर किसी की नजर नहीं पड़ी।
जिला मुख्यालय से मात्र छह किलोमीटर दूर देवरी रोड पर स्थित वेद नगर के खाली प्लॉट में बसी कबाड़ियों की बस्ती संदि‍ग्‍ध नजर आने लगी है। उसमें धर्मांतरण से पहले करीब 60 मुस्लिम परिवार रहते थे। जनपद की एलआईयू ने 57 परिवारों को चिन्हित भी किया था। आखिर वह मुस्लिम परिवार कहां से आए और कौन थे? धर्मांतरण की घटना से पहले इस बारे में कोई नहीं जानता था। जैसे-जैसे यह घटना चर्चित हुई, उसी तेजी से इन परिवारों के चोरी छिपे रहने का राज भी सामने आने लगा।
घटना का खुलासा होने के बाद मुस्लिमों की कबाड़ी बस्ती प्रशासन की नजर में आई। रातोंरात इस बस्ती में रहने वाले एक दर्जन से भी अधिक संदिग्‍ध मुस्लिम परिवार यहां से पलायन कर गए। वे लोग कहां गए? इसकी जानकारी खुद बस्ती के लोगों और इन्हें बसाने वाले ठेकेदार को भी नहीं है।
जब पुलिस प्रशासन को मामला संदि‍ग्‍ध नजर आया तो पुलि‍स ने ठेकेदार को हिरासत में ले लिया। इस बीच कई परिवारों के रातोंरात गायब होने के चलते अब चर्चा हो रही है कि‍ वे सभी बंग्लादेशी थे। चोरी छिपे यहां आकर इस बस्ती में रह रहे थे। इनकी बस्ती बसाने वाला ठेकेदार भी अब कई मामलों में संदिग्ध नजर आने लगा है। उस पर अब मानव तस्करी के आरोप भी लगने लगे हैं।
आगे पढ़ि‍ए क्‍या है इस मामले में खास...