तस्वीर में: स्काई ड्राइविंग करते कमल सिंह।
आगरा. एमआई 16 हेलीकॉप्टर से आसमान में आठ हजार फीट की ऊंचाई से सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज लेकर स्काई ड्राइवर कमल सिंह ने छलांग लगा दी। हालांकि तेज हवा की वजह से झंडा नहीं खुल सका और वह रिकॉर्ड बनाने से चूक गए। कमल सिंह एयरफोर्स में विंग कमांडर हैं। वह पहले ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में छलांग लगाई है। स्काई डाइविंग के जरिए रिकॉर्ड बनाने की यह कोशिश मंगलवार की शाम करीब पांच बजे मलपुरा ड्रॉपिंग जोन पर हुई। इसे देखने के लिए वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे।
कमल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज 4300 स्क्वायर फीट का है। हवा की रफ्तार और दिशा असमान्य होने की वजह से झंडा नहीं खुला। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए एक हफ्ते के भीतर दोबारा प्रयास होगा। इस झंडे पर भारतीय वायु सेना का लोगो भी है। एमआई-16 हेलीकॉप्टर से एक साथ एक दर्जन स्काई डाइवर ने छलांग लगाई। इनमें से एक विंग कमांडर कमल सिंह थे, जिनके पास झंडा था।
उत्तरी ध्रुव पर स्काई ड्राइविंग लगाने वाले पहले भारतीय
विंग कमांडर कमल सिंह वर्तमान में चेन्नई स्थित तांब्रम एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हैं। वह जम्मू के गजनसू के निवासी हैं। उन्होंने एक जनवरी 2000 को 20 देशों के 35 स्काई ड्राइवर के साथ दक्षिणी ध्रुव पर छलांग लगाई थी। उस वक्त उन्होंने 16 हजार फीट की ऊंचाई से ऐसा किया था। बाद में उन्होंने अप्रैल 2002 में उत्तरी ध्रुव पर भी ऐसा ही कमाल किया था। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय स्काई डाइवर हैं।
ईराक के कैप्टन फरीक का है रिकॉर्ड
दुनिया में सबसे बड़े झंडे के साथ ऊंची स्काई डाइविंग करने का रिकॉर्ड ईराक के कैप्टन फरीक लफ्था के पास है। उन्होंने दो साल पहले यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। मंगलवार को विंग कमांडर कमल सिंह के स्काई डाइविंग के दौरान झंडा खुल गया होता तो यह नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बन जाता। हालांकि वह एक सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड बनाने का दूसरा प्रयास करेंगे।
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