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एक जलेबी भर देगी पेट, देश भर का खाना-पान पहुंचा ताज

9 वर्ष पहले
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आगरा. आपने जलेबी तो खूब खाई होगी, लेकिन क्‍या 250 ग्राम की एक जलेबी खाई है। आगरा में चल रहे ताज महोत्‍सव में इस खास जलेबी ने धूम मचा रखी है। एक जलेबी से ही पेट भर जाता है। इसके बावजूद दोबारा खाने का जी ललचाता रहता है। आम जलेबियों से चार गुनी बड़ी इस जलेबी के लोग दीवाने हुए जा रहे हैं। इस विशेष खान-पान का स्‍टॉल हरियाणा के गोहाना के नरेश कुमार ने लगाया है। ताज महोत्‍सव में इसके अलावा भी अलबेला खान-पान मिल रहा है।
महोत्‍सव में देखने और घूमने के साथ-साथ खाने का मजा लेने का मौका भी कम नहीं है। लखनऊ का मशहूर कबाब तो लोगों को आ‍कर्षित कर ही रहा है, चाइनी और साउथ इंडियन खाना भी लोगों को भा रहा है। घूमते-घूमते जब लोग थक जा रहे हैं तो नारियल पानी का भी मजा ले रहे हैं। खास तौर पर जलेबी के स्‍टॉल पर भीड़ है। नरेश का खानदान पिछले साठ साल से स्‍पेशल जलेबियों का काम कर रहा है। वह बताते हैं कि उसके पिता ने यह काम शुरू किया था। इसके बाद अब वे इस काम को संभाले हुए हैं। उनकी जलेबी आम जलेबियों से चार गुना बड़ी हैं। जलेबी काफी बड़ी, रसीली और स्‍वादिष्‍ट है। यही वजह है कि एक बार जिस व्‍यक्ति ने इसे चख लिया, वह दोबारा खाना नहीं भूलता है।
नरेश के मुताबिक एक जलेबी करीब ढ़ाई सौ ग्राम की होती है। इसे बनाने के लिए देसी घी, सूजी और मैदा का प्रयोग किया गया है। अन्‍य लोग जलेबी बनाने में रंग का प्रयोग करते है। लेकिन वे इसमें रंग नहीं डालते। घी में पकने की वजह से जलेबी खुद ही रंगीन हो जाती है। उन्‍होंने बताया कि गोहाना से चलकर उनकी जलेबी पूरे देश में मशहूर होती जा रही है। जहां भी राष्‍ट्रीय स्‍तर का मेला या महोत्‍सव होता है, तो वे जरूर जाते हैं।