आजम बोले- मोदी रोकें दिल्‍ली में गोमांस बिकवाना, मुस्‍लिम नहीं गोकशी के पक्षधर

6 वर्ष पहले
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इलाहाबाद. यूपी के नगर विकास और अल्‍पसंख्‍यक मामलों के मंत्री आजम खान ने बुधवार को गोकशी के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश की। उन्‍होंने मोदी को बादशाह शब्‍द से सूचित करते हुए कहा, ‘बादशाह पहले दिल्‍ली के पांच सितारा होटल में गोमांस बिकवाना बंद कराएं। मुस्‍लिम कभी गोकशी के पक्षधर नहीं था और न है। मोदी हिंदू और मुसलमान को बांटना चाहते हैं। हिंदुस्‍तान में गोमांस कभी पूरी तरह प्रतिबंधित था, तो सिर्फ बाबर के जमाने में। इसके बाद यहां कभी गोमांस पर प्रतिबंध नहीं लगा।’ उन्होंने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को भी बीजेपी का एजेंट बताया।
इलाहाबाद में जल निकासी और पेयजल संबंधी योजनाओं के शिलान्‍यास के दौरान आजम खान ने कहा कि बड़े (भैंस और गाय) का गोश्‍त कौन खाता है और इनको काटने के कारखाने किसके हैं। उन्होंने कहा कि जिसके पास बड़े पैमाने पर जानवरों को काटने का कारखाना है, वो मुसलमान नहीं, बल्‍कि जैन है और अल-कबीर नाम से ये काम करता है। आजम ने कहा कि बादशाह मोदी को गो माता की कसम है, वह अल-कबीर के कारखानों पर प्रतिबंध लगाएं। आजम यही नहीं रुके, उन्‍होंने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘जानवरों को काटने की बात चली है तो यह भी समझ लीजिए कि गुजरात में साल 2002 में जहां इंसान काटे गए हों, ऐसे लोग जानवरों के काटने पर क्‍या रोक लगाएंगे।
शिक्षामित्रों के मुंह तक निवाला पहुंचा था, लेकिन वो वापस लौट गया
आजम ने शिक्षामित्रों के मसले पर कहा, ‘जब मैं कौशांबी से लौट रहा था तो लोग समाजवादी पार्टी जिंदाबाद के नारे लगा थे, लेकिन उनकी आंखों में आंसू थे। क्‍योंकि, उनके मुंह तक निवाला जाकर वापस लौट आया। हमने इन्‍हें शिक्षामित्र की नौकरी दिया था, कोई अफसर नहीं बनाया था, लेकिन क्‍या करें लाचार हैं। हमारे यहां का नियम-कानून ही यदि किसी फैसले से असंतुष्ट है, तो उसे ऊपर की अदालत में चुनौती देते हैं। यूपी सरकार शिक्षामित्रों के साथ है और इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी।’
यूपी सरकार का था गंगा को साफ-सुथरा करने का प्‍लान
आजम ने कहा कि केंद्र में बैठी सरकार लोगों को धर्म के नाम पर ठग रही है। बादशाह ने कहा था कि गंगा को साफ कर देंगे, जबकि यूपी सरकार ने ऐसा प्‍लान बनाकर दिया था कि गंगा में एक बूंद गंदा पानी नहीं जाएगा। इसके लिए जब बजट बनाकर दिया गया, तो केंद्र सरकार के सचिव ने कहा कि वो केवल इसका पांच फीसदी ही दे पाएंगे। इस पर हमने कहा, आप उसे भी रख लीजिए।
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