इलाहाबाद. बीटीसी अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सड़क जाम कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। ये सभी अभ्यर्थी वर्ष-2011 के हैं। अभ्यर्थी माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष-2011 के साथ ही वर्ष-2012 के अभ्यर्थियों को भी 15 हजार नियुक्तियों में शामिल करने से नाराज हैं।
प्रदर्शन कर रहे बीटीसी अभ्यर्थियों मांग है कि 2011 के अभ्यर्थियों के लिए तय 15 हजार नियुक्तियों में दूसरे अभ्यर्थियों को मौका न दिया जाए। इससे जहां उनके लिए मौके कम होंगे, वहीं नियुक्ति में देर होगी।
गौरतलब है कि इसके पहले नियुक्ति के लिए विज्ञापन न प्रकाशित किए जाने से नाराज वर्ष-2011 के बीटीसी अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव संजय सिन्हा के कार्यालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था। इस दौरान अधिकारियों ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन बात बन नहीं पाई। नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित किए जाने के बाद अनशन, तो समाप्त हो गया, लेकिन इसकी अंतिम तिथि मार्च तक बढ़ाए जाने और वर्ष-2012 के अभ्यर्थियों को भी इसमें शामिल होने की अनुमति देने से वर्ष-2011 के अभ्यर्थी नाराज हो गए।
क्या है बीटीसी अभ्यर्थियों की नई मांग
बीटीसी अभ्यर्थी अब नियुक्ति की प्रक्रिया जनवरी में ही पूरी करने की मांग कर रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी शनिवार को सड़क पर उतर आए। शहर की सड़कों पर मार्च कर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग के खिलाफ लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं मानी जाती है वे आंदोलन जारी रखेंगे।
फोटोः नियुक्ति में हो रही देर से नाराज बीटीसी अभ्यर्थी पैदल मार्च करते हुए।