इलाहाबाद. सुरक्षा को देखते असलहों के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में घुसने पर रोक लगा दी गई है। हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी के प्रस्ताव पर चीफ जस्टिस ने यह निर्देश मंगलवार को जारी कर दिया। उन्होंने रजिस्ट्रार जनरल हाईकोर्ट को कहा है कि वह हाईकोर्ट की ओर से आदेश जारी करें कि किसी भी प्रकार के असलहे को लेकर कोर्ट परिसर में आने पर पूरी तरह से रोक है।
कोर्ट के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए असलहों के साथ परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। यदि कोई वकील कोर्ट परिसर में असलहे के साथ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बार एसोसिएशन के हवाले कर दिया जाएगा। रजिस्ट्रार जनरल ने यह भी निर्देश जारी किया है कि मुकदमा लड़ने से संबंधित व्यक्ति हो या अन्य काम से आया कोई व्यक्ति यदि वह असलहों के साथ पाया जाता है, तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, रजिस्ट्रार जनरल का यह आदेश कोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर दिया गया है। परिसर की सुरक्षा को लेकर गठित सुरक्षा कमेटी जिसमें जज शामिल हैं उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में चीफ जस्टिस को इस पर अमल करने का अनुरोध किया गया था।
नोएडा अथॉरिटी तीन महीने में करे फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा स्थित दो बीघा 14 बिस्वा जमीन पर नोएडा प्राधिकरण के कब्जा से मुक्त करने की याचिका पर प्राधिकरण को तीन माह में निर्णय लेने को कहा है। यह आदेश जस्टिस एपी शाही और जस्टिस बीके बिडला की बेंट ने याचिकाकर्ता राजकुमार और चार अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसकी जमीन आबादी की है। इसकी वजह से नियमानुसार वह वापस होनी चाहिए। कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया, लेकिन कहा है इसका फैसला प्राधिकरण तीन महीने में करे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल तस्वीर