25 लाख का ऑफर छोड़ ये बना था साधू, खबर सुनते ही पिता को आया था अटैक

5 वर्ष पहले
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इलाहाबाद. प्रयाग नगरी के युवा संत बजरंग मुनि उदासीन ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि पर अपनी जिम्मेदारी न निभाने का आरोप लगाया है। इन्होंने कहा, "नरेंद्र गिरि बताएं कि उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा, गौ रक्षा या राम मंदिर निर्माण के लिए क्या कदम उठाए। वो सिर्फ राज करना चाहते हैं। राजनैतिक लालसा में वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी भुला चुके है। वे पूरी तरह से व्यावसायिक हो गए हैं।" यह घोषित हो चुका है कि बजरंग मुनी 2019 के अर्द्धकुंभ में महामंडलेश्वर बनेंगे। DainikBhaskar.com इसी संत के बारे में अपने रीडर्स को बता रहा है। 25 लाख का ऑफर छोड़ ये बने नागा साधु...
 
- इन्होंने साल 2011 में नागा साधु की दीक्षा ली थी। जवान बेटे के संन्यासी बनने की खबर सुनते ही इनकी मां बेहोश हो गईं थीं और पिता को हार्ट अटैक आ गया था।
- पिता की हालत बिगड़ते देख बजरंग के बहनोई और चाचा इन्हें मनाने गए थे, लेकिन इन्होंने लौटने से इनकार कर दिया। बहनोई ने इन्हें 25 लाख रुपए का ऑफर देते हुए कहा था- तुम संन्यासी बनने की जगह कथावाचक बन जाओ। मैं सारे इंतजाम कर दूंगा, लेकिन ये नहीं माने।
- माता-पिता की तबीयत देखते हुए बड़े भाई को पुलिस की नौकरी छोड़नी पड़ी थी। अब वे घर पर रहकर माता-पिता की सेवा करते हैं और साथ ही पत्नी और दो बेटियों को भी संभालते हैं।
 
प्रतापगढ़ से जुड़ी हैं जड़ें
 
- प्रतापगढ़ के औवार गांव के पंडित रामसेवक मिश्रा मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। वे प्रेजेंट में इंदौर के भूसाखेड़ी स्थित पीटीसी सेंटर में पोस्टेड हैं।
- इनके बड़े बेटे गजेंद्र ने भी पिता को फॉलो करते हुए पुलिस में नौकरी की थी, लेकिन छोटे भाई के संन्यास के बाद इन्हें जॉब छोड़नी पड़ी।
- 2008 तक अनुपम मिश्रा एक आम युवक की जिंदगी जी रहे थे। उन्होंने उसी साल इंदौर से 12th क्लास पास की। इंटर पास करने के बाद इनका झुकाव साधु-संतों की तरफ हो गया। तभी से इनके मन में संन्यासी बनने के विचार आने लगे।
 
छोड़ा 5 लाख का पैकेज
 
- अनुपम पढ़ाई में काफी तेज थे। उन्होंने इंटर के बाद बीबीए किया। 2010 में उनका कैंपस सिलेक्शन हुआ और जेट एयरवेज ने उनके सामने 5 लाख रुपए सालाना का सैलरी पैकेज ऑफर किया। 
- पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात नेपाल के रहने वाले रवीन्द्र थापा से हुई थी, जो कि उन्हें अक्सर देश के फेमस हनुमान मंदिर का दर्शन कराने ले जाता था। ग्रैजुएशन के दौरान इन धार्मिक यात्राओं ने अनुपम का मन संन्यास की ओर झुका दिया।
- 5 लाख का सैलरी पैकेज ऑफर होने के बावजूद इन्होंने उसे ठुकराकर संन्यास लेने का फैसला कर लिया।
 
राजस्थान में है आश्रम, श्रृंग्वेरपुर में जारी है दूसरे का कंस्ट्रक्शन
 
- धौलपुर, राजस्थान में इनका सिद्धपीठ मां पीताम्बरा देवी बिंदुधाम के करीब आश्रम है, जो कि 16 बीघा जमीन पर बनाया गया है। 
- अब ये प्रतापगढ़ के श्रृंग्वेरपुर धाम में अपने दूसरे आश्रम का निर्माण करवा रहे हैं। 
- साधु होने के बावजूद इनके पास बोलेरो, होंडा सिटी और सफारी स्टॉर्म जैसी लग्जरी कारें हैं।
 
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