इलाहाबाद. करछना के कचरी में प्रस्तावित थर्मल पावर प्लांट के निर्माण की मांग को लेकर प्रधान संगठन ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर धरना दिया। उनके साथ दर्जनों किसान भी थे। उनकी मांग है कि प्लांट का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि किसानों को रोजी-रोटी का साधन मिल सके। उन्होंने प्लांट का विरोध कर रहे लोगों पर अराजकता का आरोप लगाते हुए सरकार और प्रशासन को उनके दबाव में नहीं आने की नसीहत भी दी।
बताते चलें कि पिछले लगभग चार वर्षों से करछना प्लांट को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस प्लांट के लिए जमीन का अधिग्रहण भी लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, कुछ किसानों के विरोध के चलते प्लांट का निर्माण नहीं हो पा रहा है। पांच सितंबर यानि शिक्षक दिवस के दिन भी प्रशासन ने भूमि-पूजन कर प्लांट का निर्माण शुरू करने की कोशिश की थी, लेकिन इसके अगले ही दिन विरोध शुरू हो गया। इसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया।
प्लांट के समर्थन में 15 दिन पहले भी किया था सड़क जाम
करछना तहसील के प्रधानों ने अपने संगठन के जरिए प्लांट का निर्माण जल्द शुरू करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रधान संगठन ने लगभग 15 दिन पहले प्लांट का निर्माण शुरू कराए जाने के लिए मिर्जापुर मार्ग पर चक्काजाम किया था। वहीं, शुक्रवार को भी डीएम कार्यालय पर प्रधान धरना देने पहुंच गए। इसका नेतृत्व संगठन के मंत्री रमेश चंद्र मिश्र ने किया।
दो अक्टूबर के बाद चक्काजाम और आमरण अनशन की चेतावनी
प्रधानों ने चेतावदी दी है कि यदि प्रशासन दो अक्टूबर तक प्लांट के निर्माण से संबंधित काम शुरू नहीं करता है तो वे मिर्जापुर मार्ग पर चक्काजाम करेंगे। यही नहीं प्रधानों और किसानों ने आमरण अनशन शुरू करने की बात भी कही है। इस संबंध में डीएम पी गुरुप्रसाद को एक ज्ञापन भी दिया गया है। धरना देने वालों में कचरा, कचरी, भिटार, देहली भगेसर, मेडरा, ढोलीपुर और देवरी कला के दर्जनों किसान भी शामिल रहे।
तस्वीर में: डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे प्रधान और किसान।