इलाहाबाद. मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान के लिए इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार को करीब 50 लाख लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी, लेकिन इसके साथ ही खूब गंदगी भी फैलाई। घाट पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है। वहीं, पंडे भी इससे खूब कमाई कर रहे हैं।
घाट किनारे कूड़े-कचरे में पड़े फूलों को पंडे बीन लेते हैं। इसके बाद उन्हें धोकर साफ कर लेते हैं। इन्हीं फूलों से वो श्रद्धालुओं का संकल्प (पूजा) करवा रहे हैं। एक पंडे ने बताया कि इसमें कुछ गलत नहीं है। इसके जरिए उनकी थोड़ी-सी कमाई हो जाती है।
करीब 50 दिनों तक संगम तट पर रहते हैं ये साधु
- संगम स्थल पर लगने वाला माघ मेला पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
- यह 14-15 जनवरी से शुरू होकर मार्च के पहले हफ्ते तक चलता है।
- श्रद्धालुओं के लिए कुल 7260 फीट जगह में 12 स्नान घाट बनाए गए हैं।
- मेले के दौरान संगम की रेतीली भूमि पर तंबुओं का एक शहर जैसा बस जाता है।
- माना जाता है यहां स्नान करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।
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