तस्वीर में: संगम में डुबकी लगाकर सूर्य को अरज देती हुईं श्रद्धालु।
इलाहाबाद. गुरुवार को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरु हो गए हैं। संगम में भक्तों ने डुबकी लगाकर बड़े ही भक्तिभाव और हर्षोल्लास क साथ घरों और मंदिरों में पहुंचकर विधि विधान से कलश की स्थापना की। इसके बाद दुर्गा पाठ करके देवी शैलपुत्री की पूजा की। इस दौरान मंदिरों का माहौल भक्तिमय रहा। संगम में डुबकी लगाने के बाद सूर्य को अरज दिया गया। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
गुरुवार से शुरू हुए शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवी मां के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। हिमालय के यहां जन्म लेने से उन्हें शैलपुत्री कहा गया। इनका वाहन वृषभ है। उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल है। इन्हें पार्वती का स्वरूप भी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि देवी के इस रूप ने ही शिव की कठोर तपस्या की थी। इनके दर्शन मात्र से सभी वैवाहिक कष्ट दूर हो जाते हैं।
आगे तस्वीरों में देखिए नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में लगा भक्तों का तांता...