इलाहाबाद. नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रामा रमण की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अवमानना के एक मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें 16 दिसंबर को कोर्ट में तलब किया है। जिस आदेश का पालन नहीं करने पर तलब किया गया है, उसे संशोधित करने की उनकी ओर से दायर प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस
पीकेएस बघेल की बेंच ने सोमवार को नोएडा अथॉरिटी की तरफ से आदेश को संशोधित करने की अर्जी को खारिज करते हुए कहा है कि आदेश को संशोधित करने का कोई ठोस आधार नहीं है।
मामले के अनुसार नोएडा अथॉरिटी ने कोर्ट में संशोधन प्रार्थना पत्र देकर 28 सितंबर वर्ष-2012 को कोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को संशोधित करने की मांग की गई थी, जिसमें कहा गया था कि नोएडा अथॉरिटी सेक्टर-44 के प्लाट नंबर एच-199 में यथाशीघ्र पब्लिक लाइब्रेरी बनाएं।
नोएडा अथॉरिटी का अर्जी देकर कहना था कि जिस प्लाट पर पब्लिक लाइब्रेरी बननी है, वहां पर आबादी है और ऐसे में आदेश में संशोधन जरूरी है। नोएडा में पांच अन्य लाइब्रेरी है, जो पर्याप्त है। कोर्ट पब्लिक लाइब्रेरी बनाने का यह आदेश नोएडा के प्रमोद कुमार गुप्ता की जनहित याचिका पर दिया है। इस आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने 16 दिसंबर वर्ष को सीईओ को तलब किया है।
फोटोः प्रतीकात्मक।